
Israel Iran War : पश्चिम एशिया एक बार फिर गंभीर भू-राजनीतिक उथल-पुथल की चपेट में है। ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हुए हमलों के बाद हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इन घटनाओं ने न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता को हवा दी है, बल्कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कड़े तेवरों को भी उजागर कर दिया है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के इजरायल को चेतावनी दी है, जबकि अमेरिका के नाम का उन्होंने कोई उल्लेख नहीं किया।
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अली खामेनेई ने अपनी प्रतिक्रिया में इजरायल को 'जायोनी दुश्मन' बताते हुए उसकी कार्रवाई को एक ‘गंभीर अपराध’ करार दिया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा, “इजरायल ने बहुत बड़ी भूल की है और उसे इसका दंड अवश्य मिलेगा – और मिल रहा है। इस बयान के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान इस हमले को चुपचाप नहीं सहेगा।
खामेनेई ने अपने बयान में अमेरिका का नाम नहीं लिया, जबकि अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि हमले में वाशिंगटन की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, ईरानी प्रतिक्रिया का पहला निशाना इजरायल ही बना है, जिससे संकेत मिलता है कि तेहरान फिलहाल क्षेत्रीय मोर्चे पर ही फोकस कर रहा है।
ईरान ने अपने जवाबी हमले की शुरुआत इजरायली शहरों पर घातक मिसाइल दागकर की है। विशेष रूप से ‘खुर्रमशहर-4’ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें 'खैबर' नाम से भी जाना जाता है। यह मिसाइल 2,000 किलोमीटर तक मार करने और 1,500 किलोग्राम का वारहेड ले जाने में सक्षम है। बीते 24 घंटे में ईरान ने इजरायल पर 40 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल के हाइफा, तेल अवीव और कई अन्य प्रमुख शहरों में गंभीर नुकसान की खबर है। मिसाइलें केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि कई रिहायशी क्षेत्रों, शॉपिंग मॉल्स और वाणिज्यिक केंद्रों पर भी गिरीं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, 86 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। Israel Iran War