ईरान-इजरायल संघर्ष की चपेट में फंसे भारतीय छात्र : डॉक्टर बनने आए थे, अब सिर्फ जिंदा रहने की जद्दोजहद
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 01:35 AM
Iran-Israel War : ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का दायरा अब वहां रह रहे विदेशी नागरिकों तक पहुंच चुका है। सबसे ज्यादा असर उन सैकड़ों भारतीय छात्रों पर पड़ा है, जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए ईरान के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं। गोलियों और धमाकों के बीच दहशत से भरे ये छात्र हर पल मौत के साए में जी रहे हैं और भारत सरकार से अपील कर रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द स्वदेश लाया जाए।
धमाके की आवाज से नींद टूटी, बेसमेंट में छिपे छात्र
तेहरान स्थित शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र इम्तिसाल मोहिदीन ने बताया कि शुक्रवार तड़के 2:30 बजे जोरदार धमाकों से नींद टूटी और वे घबराकर यूनिवर्सिटी हॉस्टल के बेसमेंट में शरण लेने को मजबूर हुए। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा निवासी मोहिदीन उन 350 से अधिक भारतीय छात्रों में शामिल हैं, जो अब भी वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, "हम दिन-रात धमाके सुन रहे हैं। हॉस्टल से 5 किलोमीटर दूर विस्फोट हुआ। डर इतना है कि तीन दिन से सो नहीं पाए हैं।"
"हमें डॉक्टर बनना था, अब खुद की जिंदगी बचा रहे हैं"
तेहरान के अलावा ईरान के अन्य शहरों में भी भारतीय छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। केरमान यूनिवर्सिटी के छात्र फैजान नबी ने कहा, "गोलियों की आवाज अब हमारे शहरों तक पहुंच गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हमें पीने का पानी स्टोर करने की सलाह दी गई है। मैं अपने माता-पिता को मुश्किल से एक मैसेज भेज पाता हूं।"
मौजूदा हालात 'भयावह', परिवारों में चिंता
ईरान यूनिवर्सिटी आॅफ मेडिकल साइंस में एमबीबीएस कर रहे मिदहत ने बताया कि हमलों की पहली रात उनकी जिंदगी की सबसे खौफनाक रात थी। हर कोई डरा हुआ है। धमाके ज्यादा दूर नहीं थे। मेरे परिवार का हर कुछ घंटे में कॉल आता है। हम सिर्फ न्यूज चैनलों और दूतावास के अपडेट्स पर जिंदा हैं।
एयरस्पेस बंद, वापसी की उम्मीद अधर में
ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे छात्रों की वापसी की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है। दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में है और उन्हें घर के भीतर ही रहने की सलाह दे रहा है। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और टेलीग्राम अपडेट चैनल के जरिए जानकारी साझा की जा रही है, लेकिन छात्रों की बेचैनी हर घंटे बढ़ती जा रही है।
सरकार से गुहार: "हमें निकालिए, इससे पहले कि हालात और बिगड़े"
छात्रों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से इवैक्युएशन मिशन शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थिति हर घंटे बद से बदतर हो रही है और यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया, तो कोई बड़ी त्रासदी से इनकार नहीं किया जा सकता। इम्तिसाल मोहिदीन, नामक छात्र ने कहा कि हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि हालात पूरी तरह हाथ से निकलने से पहले हमें सुरक्षित निकाल लिया जाए।