ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने सुझाव दिया है कि ईरान को खुद को विजेता घोषित कर देना चाहिए और इसके साथ ही युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

US Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अब एक बड़ी कूटनीतिक सलाह सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने सुझाव दिया है कि ईरान को खुद को विजेता घोषित कर देना चाहिए और इसके साथ ही युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि इसी रणनीति के जरिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्हीं की शैली में जवाब दिया जा सकता है और जंग खत्म करने का रास्ता निकल सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार जवाद जरीफ का मानना है कि ट्रंप बार-बार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिका इस युद्ध में जीत के करीब है। ऐसे में यदि ईरान खुद को विजेता घोषित कर दे और कूटनीतिक बातचीत शुरू कर दे, तो यह ट्रंप की रणनीति को उल्टा पड़ सकता है। इससे दुनिया को भी यह संदेश जाएगा कि ईरान युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहता है। जरीफ ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल सैन्य शक्ति से नहीं बल्कि राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक रणनीति से भी लड़े जाते हैं। इसलिए अगर ईरान “हम जीत गए” कहकर बातचीत का रास्ता खोलता है, तो यह अमेरिका के लिए भी युद्ध समाप्त करने का अवसर बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस लंबे संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उनके प्रशासन के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि किस तरह “जीत का ऐलान” करके युद्ध को समाप्त किया जाए। ट्रंप पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि अमेरिका ने इस युद्ध में अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। हालांकि युद्ध के उद्देश्यों और रणनीति को लेकर उनके बयानों में कई बार विरोधाभास भी देखने को मिला है।
अमेरिका और ईरान के बीच इस संघर्ष का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी इससे प्रभावित हुए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आई है, क्योंकि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसके कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ा है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया है और उसके मिसाइल व सैन्य ढांचे को कमजोर किया गया है। इसी आधार पर ट्रंप ने युद्ध को अमेरिका की “बड़ी सफलता” बताया है। हालांकि ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह अमेरिका के दबाव में नहीं आएगा और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष किसी तरह “विजय” का दावा करते हुए बातचीत शुरू कर दें तो युद्धविराम संभव हो सकता है। कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील की है। अगर जरीफ की सलाह पर अमल होता है तो यह युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम साबित हो सकता है। US Iran War