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मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने कतर पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया है, जिससे न केवल कतर बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था हिल गई है। कतर की गैस इंडस्ट्री को हुए भारी नुकसान पर कतर एनर्जी के CEO का दर्द भी खुलकर सामने आया है।

Middle East : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने कतर पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया है, जिससे न केवल कतर बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था हिल गई है। कतर की गैस इंडस्ट्री को हुए भारी नुकसान पर कतर एनर्जी के CEO का दर्द भी खुलकर सामने आया है।
हालिया घटनाक्रम में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान (Ras Laffan) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG (Liquefied Natural Gas) केंद्र माना जाता है।
कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी ने कहा - “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि रमजान के महीने में ऐसा हमला होगा।” उन्होंने इसे “अकल्पनीय और चौंकाने वाला हमला” बताया और साफ कहा कि ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना पूरी दुनिया के लिए खतरा है।
इस हमले की जड़ में बड़ा भू-राजनीतिक संघर्ष है:
यह हमला सिर्फ कतर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर दिख रहा है:
इस पूरे संकट में अमेरिका की भूमिका और संभावित फायदे पर भी चर्चा तेज हो गई है:
साथ ही अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि कतर पर दोबारा हमला हुआ तो कड़ा जवाब दिया जाएगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब “गैस वॉर” का रूप ले रहा है, जिसमें सीधे ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।