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Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का शव इराक ले जाया जाएगा। आमतौर पर ऐसा नहीं देखा गया है कि एक देश के प्रमुख का शव किसी दूसरे देश जाया जाए।

Ali Khamenei Funeral: ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह 3 जुलाई को शुरू हो गया। ईरान और इराक में सात दिनों तक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चलेगा। इसमें दुनिया भर के नेता, धार्मिक हस्तियां शामिल हो रही हैं। ईरानी अधिकारियों को उम्मीद है कि ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले छह दिवसीय समारोह में डेढ़ से दो करोड़ लोग शामिल होंगे। इस बीच एक सवाल जो पूछा जा रहा है कि खामेनेई का शव इराक क्यों जाएगा क्योंकि आमतौर पर ऐसा नहीं देखा गया है कि एक देश के प्रमुख का शव किसी दूसरे देश जाया जाए।
ईरान और इराक के अधिकारियों का कहना है कि 8 जुलाई को नजफ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक आधिकारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद इराक के नजफ और कर्बला शहरों में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
शिया इस्लाम के सबसे पवित्र शहर
मक्का और मदीना के बाद नजफ और कर्बला शिया इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में गिने जाते हैं।
नजफ में मौजूद इमाम अली की दरगाह शिया मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। माना जाता है कि यहां इमाम अली इब्न अबी तालिब का मक़बरा है, जो पैगंबर मुहम्मद के चचेरे भाई और दामाद थे व शिया इस्लाम के पहले इमाम थे।
कर्बला में इमाम हुसैन और उनके सौतेले भाई अब्बास के मज़ार शिया इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से हैं। ये उन जगहों की निशानदेही करते हैं जहां पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और अब्बास 680 ईस्वी में कर्बला की लड़ाई के दौरान मारे गए थे; यह घटना शिया पहचान और धार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन रस्मों का आयोजन इराक के कबालयी नेताओं, धर्मगुरुओं, बुद्धिजीवियों और राजनीतिक हस्तियों के अनुरोध पर किया गया।
हाल ही में ईरानी विदेश मंत्री विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इराक का दौरा किया था। उन्होंने अंतिम संस्कार की तैयारियों पर चर्चा के लिए नजफ और कर्बला के गवर्नरों से भी मुलाकात की।
खामेनेई के प्रभाव को दिखाने की कोशिश
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतिम संस्कार की रस्मों को ईरान से बाहर आयोजित करना दरअसल शिया मुस्लिमों के बीच खामेनेई के प्रभाव को दर्शाने की कोशिश है।
इराक दौर पर ईरान के विदेश मंत्री ने कहा था कि नजफ और कर्बला में अंतिम संस्कार समारोह का आयोजन दर्शाता है कि शियाओं के बीच अली ख़ामेनेई की स्थिति ईरान की सीमाओं से परे तक फैली हुई है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई (86) और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे।
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