मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सेना के भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर बोइंग सीएच-47 चिनूक को ड्रोन हमले में गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।

Iran-US War : मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सेना के भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर बोइंग सीएच-47 चिनूक को ड्रोन हमले में गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सार्वजनिक किए गए हैं, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला एक ह्यसुसाइड ड्रोनह्ण के जरिए किया गया, जिसने एयरबेस पर खड़े इङ्मी्रल्लॅ उऌ-47 उँ्रल्लङ्मङ्म‘ को सीधे निशाना बनाया।
* हमला बेहद सटीक बताया जा रहा है
* धमाके के बाद हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
* मलबे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
बोइंग सीएच-47 चिनूक को अमेरिकी सेना की लॉजिस्टिक क्षमता की रीढ़ माना जाता है।
* सैनिकों की आवाजाही में अहम भूमिका
* भारी हथियार और मशीनरी ढोने में सक्षम
* सप्लाई चेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण।
ऐसे में इसका नुकसान अमेरिका के लिए रणनीतिक तौर पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह हमला कुवैत में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर हुआ।
* कुवैत को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है
* वहां हमला होना सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है
* ईरान की ड्रोन क्षमता और रेंज पर चर्चा तेज।
ईरानी सैन्य मीडिया ने इस हमले की तस्वीरें और वीडियो जारी करते हुए इसे अपनी ताकत का प्रदर्शन बताया है।
* मलबे की तस्वीरों में भारी नुकसान दिखा
* हेलीकॉप्टर उड़ान के लायक नहीं बचा
* इसे अमेरिका को संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले यह संकेत देते हैं कि:
* ड्रोन युद्ध का खतरा तेजी से बढ़ रहा है
* पारंपरिक सुरक्षा तंत्र कमजोर पड़ सकता है
* खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।