इराकी संसद बनी अखाड़ा, शिया-सुन्नी सांसदों में चले लात-घूंसे, जूते
भारत
चेतना मंच
07 Aug 2025 01:43 PM
इराक की संसद एक बार फिर अराजकता और सांप्रदायिक टकराव का अखाड़ा बन गई है। संसद सत्र के दौरान शिया और सुन्नी सांसदों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। झगड़े में सुन्नी सांसद राद अल-दहलाकी गंभीर रूप से घायल हो गए उनकी आंख में चोट आई है। International News
क्या हुआ संसद में?
विवाद की शुरुआत संघीय सेवा और राज्य परिषद के उम्मीदवारों को लेकर हुई। दरअसल, इन अहम पदों को शिया और सुन्नी गुटों के बीच सहमति से बांटा जाना था। लेकिन सत्र के दौरान शिया दलों ने तकद्दुम गठबंधन के कुछ सांसदों के साथ मिलकर दोनों पदों के लिए शिया उम्मीदवारों के पक्ष में वोटिंग कर दी। इस पर सुन्नी सांसदों ने जोरदार विरोध किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि संसद भवन के कैफेटेरिया तक मामला पहुंच गया। इसी दौरान शिया सांसद अला अल-हैदरी द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद स्थिति और बिगड़ गई। इस झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें सांसदों को एक-दूसरे पर चिल्लाते, धक्का-मुक्की करते और जूते फेंकते हुए देखा जा सकता है। यहां देखें वीडियो...
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50 सांसदों ने कर दिया हमला!
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 50 सांसदों ने मिलकर सुन्नी सांसद राद अल-दहलाकी पर हमला कर दिया। उन्हें घेरकर बेरहमी से पीटा गया। इस हिंसक झड़प के बीच सिर्फ एक सुन्नी सांसद महमूद अल-कैसी सामने आए और उन्होंने घायल अल-दहलाकी को भीड़ से निकालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि सदन में पर्याप्त सांसदों की गैरमौजूदगी के कारण संसद अध्यक्ष महमूद अल-मशहदानी पहले ही सदन से बाहर चले गए थे। उनके जाने के बाद डिप्टी स्पीकर मोहसिन अल-मंडलावी के नेतृत्व में सत्र जारी रहा जिसके दौरान यह घटना हुई।
इराक की राजनीति में यह पहला मामला नहीं है जब संसद में हिंसा हुई हो। मई 2024 में भी संसद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कई सांसदों के बीच जमकर मारपीट हो चुकी है। इराक में शिया आबादी बहुसंख्यक है (करीब 55-65%) जबकि सुन्नी मुसलमान करीब 35-40% हैं। लेकिन सत्ता और संसदीय पदों पर प्रतिनिधित्व को लेकर दोनों समुदायों में अक्सर टकराव होता रहा है। International News