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इस घटनाक्रम को ऐसे समय में बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिर हालात से गुजर रहा है। इसी बीच इजरायल-ईरान तनाव का तेज होना पूरे क्षेत्र के लिए बड़े जोखिम का संकेत माना जा रहा है।

Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच टकराव की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने ईरान को निशाना बनाकर हमला किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि देशभर में आपातकाल लागू कर दिया गया है। वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में कई इलाकों से धुएं के गुबार उठने की बातें सामने आ रही हैं, हालांकि ईरानी प्रशासन की ओर से तत्काल आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस घटनाक्रम को ऐसे समय में बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिर हालात से गुजर रहा है। इसी बीच इजरायल-ईरान तनाव का तेज होना पूरे क्षेत्र के लिए बड़े जोखिम का संकेत माना जा रहा है।
हमले की खबरों के बाद इजरायल के कई हिस्सों में एक साथ सायरन बजने लगे। इजरायली सेना का कहना है कि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपातकाल के तहत सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एपी (AP) के हवाले से आई जानकारी में दावा किया गया है कि शनिवार सुबह तेहरान में धमाके सुने गए। कुछ स्थानीय लोगों ने भी विस्फोट जैसी आवाजें सुनने की बात कही है। हालांकि, ईरानी सरकार की तरफ से इस संबंध में तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे हालात को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की संभावित भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन समाधान निकलता फिलहाल आसान नहीं दिख रहा। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी यह संकेत दे चुके हैं कि यदि वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान की ओर से इजरायल पर बड़ा जवाबी हमला होता है, तो अमेरिका की सक्रिय भूमिका की संभावना बढ़ सकती है और इससे संघर्ष का दायरा और व्यापक हो सकता है।
तनाव बढ़ने के संकेत पहले से दिख रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने शुक्रवार को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दूतावास के कर्मचारियों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे देरी न करें और बेन-गुरियन एयरपोर्ट से उपलब्ध उड़ानों में सीटें सुरक्षित कर लें। हकाबी ने संदेश में यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्थिति बिगड़ने से पहले तैयारी जरूरी है। चेतावनी का संदर्भ इसी आशंका से जोड़ा जा रहा है कि सैन्य कार्रवाई की स्थिति में इजरायल को ईरान या उसके सहयोगी गुटों की जवाबी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। Israel Iran War
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