इजराइल में मंगलवार को नेसेट के चुनाव होंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की यशर पार्टी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। पढ़े पूरी खबर।
.webp?v=1793076911619)
International News:एक पुराने सर्वे में पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट को पसंदीदा प्रधानमंत्री के तौर पर 41 प्रतिशत और बेंजामिन नेतन्याहू को 37 प्रतिशत समर्थन मिला था। इसी सर्वे में आइजनकोट की यशर पार्टी को 24 सीटें मिलती दिखी थीं, जो नेतन्याहू की लिकुड पार्टी से अधिक थीं। मतदान से एक दिन पहले राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। इजराइल में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को नेसेट (संसद) के चुनाव होने जा रहे हैं। यह चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है। मुख्य मुकाबले में लिकुड पार्टी, गादी आइजनकोट की यशर पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के गठबंधन बेयाचाद शामिल हैं, जिसमें विपक्ष के नेता याइर लैपिड भी शामिल बताए गए हैं। International News
इस चुनाव में सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। इसके अलावा 7 अक्टूबर के हमले की जवाबदेही, महंगाई और न्यायिक सुधारों पर चर्चा हो रही है। अति-रूढ़िवादी यहूदियों की सैन्य सेवा से छूट और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमे भी प्रमुख चुनावी विषयों में शामिल हैं। International News
यह भी पढ़े: सऊदी अरब ने रियाद की ओर आ रही हूती बैलिस्टिक मिसाइल को रोका
टाइम्स ऑफ इजराइल के लाइव ब्लॉग के अनुसार, इजराइली सेना रविवार और सोमवार को परमिट वाले फलस्तीनी मजदूरों को बस्तियों में आने से रोक रही है। चुनाव के दिन सभी फलस्तीनी मजदूरों के प्रवेश पर रोक रहेगी और वेस्ट बैंक की जमीनी सीमा-चौकियां बंद रहेंगी। शिन बेट ने चुनाव से दो दिन पहले नेता याइर गोलान और गादी आइजनकोट को सरकारी खर्च पर सुरक्षा प्रदान की है। International News
क्षेत्रीय तनाव के बीच फलस्तीनी प्राधिकरण ने दावा किया है कि हेब्रोन में इजराइली कार्रवाई के कारण 2,670 फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान को लेकर और हमले हो सकते हैं, हालांकि समझौता भी संभव है। सेना का एक पूर्व-नियोजित बहुमोर्चा अभ्यास सोमवार तक चल रहा है।
विभिन्न रिपोर्टें अलग-अलग पक्षों के दावों पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मतदान के बाद आने वाले नतीजों और गठबंधन की संख्या के आधार पर यह तय होगा कि अगली सरकार कौन बनाएगा। International News
विज्ञापन