'भारत से भिड़ना नहीं समझदारी’, ट्रंप को कारोबारी की करारी चेतावनी
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भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:18 PM
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने और रूस के साथ व्यापार करने पर दंडात्मक कार्रवाई की घोषणा के बाद अब उनकी चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है। कनाडा के प्रसिद्ध बिजनेस लीडर और टेस्टबेड कंपनी के चेयरमैन किर्क लुबिमोव ने ट्रंप के भारत-विरोधी रुख को भारी भू-राजनीतिक भूल बताया है और चेताया है कि भारत से टकराना अमेरिका के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। International News
सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से उलझ रहा अमेरिका
किर्क लुबिमोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ट्रंप का टैरिफ आधारित दृष्टिकोण पूरी तरह भू-राजनीतिक यथार्थ से कटा हुआ है। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत से उलझ रहे हैं, जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर अत्यधिक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।"
भारत की भूमिका चीन के विकल्प के रूप में
कनाडाई उद्योगपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को चीन के वर्चस्व को संतुलित करने वाले रणनीतिक सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। लुबिमोव के मुताबिक, “भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सकता है, जहां चीन से प्रोडक्शन शिफ्ट किया जा सकता है। अमेरिका को भारत से सहयोग बढ़ाना चाहिए न कि टैरिफ और जुर्मानों से उसे दूर करना चाहिए।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
ट्रंप ने हाल ही में भारत पर सभी आयातित वस्तुओं पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की थी और रूसी कच्चे तेल की खरीद पर प्रतिबंध की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने भारत को डेड इकोनॉमी करार देते हुए कहा, "मुझे फर्क नहीं पड़ता भारत रूस से क्या लेता है, वे अपनी मरती हुई इकोनॉमी को और गिरा सकते हैं।"
भारत ने दिया करारा जवाब
भारत सरकार ने ट्रंप के बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए इसे तथ्यहीन बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा, “भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत वैश्विक विकास में 16% तक का योगदान दे रहा है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत रूस से सस्ते कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है। यूक्रेन युद्ध से पहले जहां भारत का रूसी तेल में हिस्सा 1% से कम था, वहीं अब यह बढ़कर 35% से ज्यादा हो चुका है। ट्रंप की नीति के तहत भारत को अब उन देशों में शामिल किया गया है जिन्हें रूस से व्यापार करने के लिए सीधे निशाना बनाया जा रहा है। International News