भारत दौरे पर आएंगे ब्रिटिश PM, भारत-यूके के रिश्तों का शुरू होगा नया अध्याय
भारत
चेतना मंच
06 Oct 2025 02:53 PM
यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर 8 से 9 अक्टूबर तक भारत दौरे पर आने वाले हैं। यह उनका प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला भारत दौरा हैं। इस दौरे के बाद भारत-यूके के रिश्तों का नया अध्याय शुरू होगा। बता दें कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और जलवायु सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं। साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यूके के प्रधानमंत्री स्टार्मर कि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत, रक्षा साझेदारी और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग इस मुलाकात के मुख्य मुद्दे होंगे। International News
रिश्तों में नई ऊर्जा की उम्मीद
भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से गहरे रहे हैं लेकिन हाल के वर्षों में कई राजनैतिक और आर्थिक मतभेदों के कारण सबंधो में थोड़ी गरमाहट आई हैं। कीयर स्टारमर की लेबर पार्टी की नई सरकार के आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस दौरे में (FTA) पर ठोस सहमति बनती है तो यह दोनों देशों के लिए बड़ा आर्थिक लाभ साबित हो सकता है।
एजेंडे में प्रमुख विषय
ब्रिटिश PM के इस दौरे के दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), दोनों देशों के बीच लटकी हुई व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाना और रक्षा और सुरक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए सहयोग बढ़ाना हैं। ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीक पर साझा निवेश की योजना हैं। साथ ही शिक्षा और वीजा नीति छात्रों और पेशेवरों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाना इन सभी प्रमुख विषय पर इस दौरे में बातचीत होगी।
क्यों अहम है यह दौरा?
भारत, ब्रिटेन के लिए एशिया का सबसे बड़ा रणनीतिक साझेदार माना जाता है। वहीं, ब्रिटेन भारत के लिए यूरोप में निवेश और तकनीकी सहयोग का एक बड़ा केंद्र है। बता दें कि ब्रिटिश पीएम का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत जी20 और ग्लोबल साउथ जैसे मंचों पर एक प्रमुख वैश्विक आवाज बनकर उभरा है। कुछ राजनयिकों का मानना है कि स्टार्मर की यह यात्रा भारत-ब्रिटेन रिश्तों में एक नया विश्वास पैदा करेगी और दोनों देशों के बीच 21वीं सदी की साझेदारी को मजबूत बनाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, कीर स्टार्मर अपने दौरे के दौरान नई दिल्ली और मुंबई में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही वे भारतीय उद्योगपतियों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों और यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधियों से भी मिल सकते हैं। इसके अलावा वे भारतीय लोकतंत्र और बहुसांस्कृतिक समाज की सराहना करते हुए एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। बता दें कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत-यूके संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने का प्रयास है। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा तो आने वाले वर्षों में यह दौरा ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता हैं। International News