PM मोदी के नए दूत पर हमला! खालिस्तानी पोस्टर से बढ़ा कनाडा में तनाव
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:17 PM
जहां एक ओर भारत और कनाडा के बीच राजनयिक रिश्तों को फिर से सामान्य करने की चर्चा तेज हो रही है वहीं दूसरी ओर खालिस्तानी संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) ने वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर कब्जा करने की धमकी देकर माहौल को एक बार फिर तनावपूर्ण बना दिया है। SFJ ने एक बयान और पोस्टर जारी करते हुए दावा किया है कि वे जल्द ही दूतावास पर 'कब्जा' करने की योजना पर काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय-कनाडाई नागरिकों से अपील की है कि वे उस दिन दूतावास का दौरा न करें। International News
नए उच्चायुक्त को निशाना बनाने की कोशिश
SFJ ने अपने पोस्टर में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश पटनायक को निशाने पर लेते हुए उन पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की जासूसी का आरोप लगाया है। संगठन का दावा है कि भारतीय दूतावास कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं की निगरानी कर रहा है, जो ‘रेफरेंडम 2020’ जैसी मुहिमों से जुड़े हुए हैं। SFJ ने अपनी धमकी को सही ठहराते हुए एक बार फिर 18 सितंबर 2023 को कनाडाई संसद में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा दिए गए उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों की भूमिका की जांच की बात कही थी। संगठन का कहना है कि निज्जर की मौत के बाद से खालिस्तान समर्थकों पर खतरा बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि इंदरजीत सिंह गोसल जो अब खालिस्तान रेफरेंडम का नेतृत्व कर रहे हैं उन्हें कनाडा की रॉयल माउंटेड पुलिस (RCMP) की गवाही सुरक्षा योजना (Witness Protection) के तहत रखा गया है।
कनाडा से मिल रही आर्थिक मदद का खुलासा
एक हालिया कनाडाई रिपोर्ट के अनुसार, SFJ समेत कई प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन जैसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, कनाडा में बसे लोगों और नेटवर्क से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, ये संगठन अब छोटे-छोटे समूहों में बंट गए हैं और किसी एक केंद्रीय कमान के तहत काम नहीं कर रहे फिर भी खालिस्तान आंदोलन को हवा देने में सक्रिय हैं। गौरतलब है कि बब्बर खालसा और ISYF दोनों को कनाडा सरकार अपने आपराधिक कानून के तहत आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है।
अब तक भारत सरकार के विदेश मंत्रालय या वैंकूवर स्थित भारतीय दूतावास की ओर से इस धमकी पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन SFJ की यह धमकी दोनों देशों के पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और भी बिगाड़ सकती है। SFJ की यह धमकी सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि कनाडा की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है। कनाडा की सरकार जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देकर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को खुली छूट देती दिखती है वहीं भारत बार-बार खालिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग करता रहा है। अब देखना यह है कि क्या कनाडा सरकार इस धमकी पर सख्त एक्शन लेती है या फिर इसे सिर्फ एक "विरोध प्रदर्शन" मानकर नजरअंदाज कर देती है। International News