
बलूचिस्तान में हालात एक बार फिर बेकाबू होते दिख रहे हैं। बलूचिस्तान में एक बार फिर गोलियों और धमाकों की गूंज सुनाई दी है। बलूचिस्तान के खुजदार जिले के जेहरी कस्बे के आसपास संदिग्ध बलूच लड़ाकों ने मंगलवार को कई अहम राजमार्गों पर कब्जा जमाकर पाकिस्तानी सेना को खुली चुनौती दी। घात लगाकर किए गए हमलों में सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया, हथियार छीने गए और कई गाड़ियां ध्वस्त कर दी गईं। उधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेना ने यात्री बसों को रोककर आम नागरिकों की मुसीबतें और बढ़ा दीं। Balochistan
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सशस्त्र लड़ाकों ने मुख्य राजमार्गों पर तीन अलग-अलग जगहों पर नाकाबंदी की। सेना की प्रगति रोकने के लिए सुन्नी–नूरगामा मार्ग को बुलडोज़र और भारी मशीनरी से ध्वस्त कर दिया गया। गाजान और मश्क क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे सैनिकों पर हमला किया गया, जिसमें हताहत होने की खबरें हैं।
गाजान के जुल्फिकाराबाद के कुचो इलाके में लड़ाकों ने आठ सैन्य वाहनों को रोक लिया। इनमें से तीन गाड़ियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जबकि दो को हथियारों समेत अपने कब्जे में ले लिया। बताया जाता है कि पिछले 24 घंटों से कई सैनिक घेराबंदी में फंसे हैं। जालकान से पैदल आ रहे जवान स्पेडिक क्षेत्र की एक नदी किनारे अटके हुए हैं। मंगलवार सुबह ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें निकालने की कोशिश भी नाकाम रही।
सूत्रों ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने कराची से मकरान जा रही कई यात्री बसों को उथल ज़ीरो पॉइंट पर रोक दिया। इसके कारण केच और ग्वादर जिलों की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्री—जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार शामिल थे—भीषण गर्मी में घंटों फंसे रहे। सेना ने यात्रियों पर ‘निर्धारित यात्रा समय का उल्लंघन’ करने का आरोप लगाया, जबकि लोगों का कहना है कि पहले ही सुरक्षा जांच के नाम पर लंबा इंतजार करवाया जाता है, और अब इस तरह की पाबंदी ने हालात को और बिगाड़ दिया है। Balochistan