Breaking: लद्दाख के लेह में भड़का जनाक्रोश, BJP दफ्तर को किया आग के हवाले
भारत
चेतना मंच
24 Sep 2025 02:07 PM
लद्दाख के लेह में बुधवार को हालात उस समय बेकाबू हो गए जब पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में जुटे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी और कई गाड़ियों को भी फूंक दिया। इस बीच पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जबकि भीड़ की ओर से पथराव जारी रहा। Leh Protest
15 दिन से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक बीते 15 दिनों से अनशन पर हैं। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वांगचुक के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को समर्थन देने के लिए लेह की सड़कों पर हजारों लोग उतरे। लेकिन प्रदर्शन उस वक्त उग्र हो गया जब पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की।एपेक्स बॉडी ऑफ लद्दाख और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की अगुवाई में "लद्दाख बंद" का आह्वान किया गया था जिसे भारी जन समर्थन मिला। हजारों की संख्या में लोग रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से लद्दाख की पहचान, संस्कृति और अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य चार मांगें?
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए ताकि क्षेत्रीय जनजातियों के अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा हो सके। लद्दाख के लिए दो लोकसभा सीटों की मांग ताकि राजनीतिक प्रतिनिधित्व बेहतर हो सके। जनजातीय समुदायों को आदिवासी का दर्जा जिससे उन्हें आरक्षण और अन्य संवैधानिक लाभ मिल सकें।
5 अगस्त 2019 को जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया तब राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। तब से लद्दाख बिना विधानसभा और राजनीतिक अधिकारों के सीधे केंद्र शासित क्षेत्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे उनकी संस्कृति, जमीन और रोजगार खतरे में हैं। पुलिस और प्रशासन के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लेह से लगातार वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी 'हमारा लद्दाख हमें लौटाओ' जैसे नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, सोनम वांगचुक ने एक बार फिर कहा है कि यह आंदोलन गैर-राजनीतिक और शांतिपूर्ण है, और लद्दाख की पहचान को बचाने के लिए है। Leh Protest