
फिलिस्तीनी संगठन हमास ने कतर और मिस्र द्वारा पेश किए गए नए युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस समझौते के तहत इजराइल और फिलिस्तीनी बंधकों के बीच रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हमास के साथ बातचीत में शामिल दो राजनयिक और मिस्र के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी साझा की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस प्रस्ताव को मानेंगे या नहीं। Hindi News
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव उस समय आया है जब कतर और मिस्र ने गाजा में इजराइल के संभावित जमीनी आक्रमण को रोकने के लिए अपनी मध्यस्थता तेज कर दी है। नए प्रस्ताव की शर्तें पूर्व के समझौतों जैसी ही हैं, जिन्हें इजराइल पहले भी मान चुका है। इसमें अस्थायी युद्धविराम और दीर्घकालीन शांति समझौते के लिए रास्ता खोलने का प्रावधान शामिल है। इजराइल ने पहले भी प्रारंभिक युद्धविराम के तहत आधे बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई थी और शेष बंधकों के लिए एक व्यापक अनुवर्ती समझौते का संकेत दिया था। हमास ने बयान में कहा कि उसने और अन्य फिलिस्तीनी समूहों ने रविवार को कतर और मिस्र के मध्यस्थों के प्रस्ताव को समर्थन दिया है। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, गाजा में अभी करीब 20 बंधक जीवित हैं, जबकि 30 अन्य की मौत हो चुकी है और उनके शव वहीं रखे गए हैं।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने सोमवार को युद्धविराम प्रयासों पर कोई टिप्पणी नहीं की। नेतन्याहू ने केवल कहा, "हमास इस समय भारी दबाव में है।" इससे पहले, उन्होंने संकेत दिया था कि इजराइल केवल कुछ बंधकों की रिहाई वाले समझौतों में रुचि नहीं रखता। मध्य पूर्व में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने इस महीने इजराइली बंधकों के परिवारों से कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी जीवित बंधकों को एक साथ रिहा होते देखना चाहते हैं। हमास ने इस शर्त पर सभी बंधकों की रिहाई के लिए सहमति जताई है कि इजराइल युद्ध समाप्त करे। Hindi News