
Meta : अमेरिका में Meta पर चल रहे एंटीट्रस्ट केस में नया मोड़ आ गया है। FTC के अनुसार, Meta ने Instagram और WhatsApp को प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए खरीदा। जानिए क्यों ज़ुकरबर्ग को अपने सबसे कीमती प्लेटफॉर्म्स से हाथ धोना पड़ सकता है।
अमेरिका की फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने Meta पर आरोप लगाया है कि उसने बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म करने के उद्देश्य से Instagram और WhatsApp को खरीदा।
यह मुकदमा 2020 में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में शुरू हुआ था।
FTC का दावा है कि Meta (तब Facebook) ने रणनीति अपनाई: "प्रतिस्पर्धा से लड़ो नहीं, खरीद लो।"
Instagram और WhatsApp जैसी उभरती कंपनियों को जानबूझकर खरीदा गया ताकि सोशल मीडिया पर एकाधिकार कायम रखा जा सके।
Instagram को 2012 में लगभग 1 अरब डॉलर में खरीदा गया था, जब वह एक छोटी फोटो-शेयरिंग ऐप थी।
WhatsApp की डील 2014 में लगभग 22 अरब डॉलर में हुई थी, जिसने Meta की मोबाइल यूजर बेस को मजबूत किया।
यदि कोर्ट FTC के पक्ष में फैसला देती है, तो Meta को Instagram और WhatsApp को अलग करना पड़ सकता है।
यह कदम Meta की विज्ञापन आय पर गहरा असर डाल सकता है, खासकर Instagram की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 तक सिर्फ Instagram अमेरिका में Meta की कुल एड रिवेन्यू का 50.5% हिस्सा देने वाला है।
WhatsApp भी बिजनेस कम्युनिकेशन और पेमेंट फीचर्स के जरिए बड़ा रेवेन्यू जनरेटर बनता जा रहा है।
Meta का कहना है कि वह TikTok, YouTube, iMessage और X (Twitter) जैसी सेवाओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा में है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आज की स्थिति में सोशल मीडिया का परिदृश्य काफी विविध और प्रतिस्पर्धी है, जिससे FTC के लिए केस साबित करना आसान नहीं होगा।
यह केस केवल Meta के लिए नहीं, बल्कि पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
Google और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियों पर भी इसी तरह के एंटीट्रस्ट मुकदमे चल रहे हैं। Meta :