पाकिस्तान में टीएलपी मार्च पर फौज की गोलीबारी, तीन घंटे में 280 से अधिक मरे, मौलाना साद घायल
भारत
चेतना मंच
14 Oct 2025 05:21 PM
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके शहर में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के मार्च पर सुरक्षा बलों ने तीन घंटे में 280 से अधिक प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान करीब 1,900 लोग घायल हुए। इस टीएलपी के मार्च का नेतृत्व कर रहे टीएलपी के प्रमुख मौलाना साद हुसैन रिजवी भी इस गोलीबारी के शिकार होकर घायल हो गए और मंच से नीचे गिर पड़े। Muridke (Pakistan) :
प्रदर्शन को रोकने के लिए सीधे गोलीबारी शुरू कर दी गई
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हिंसा सोमवार तड़के सुबह हुई। पाकिस्तान रेंजर्स और पुलिस ने लाहौर से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे टीएलपी के हजारों कार्यकतार्ओं को रोकने के लिए पहले स्मोक ग्रेनेड फेंके और फिर सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। इसके साथ ही टीएलपी के मंच को आग के हवाले कर दिया गया, जहां कई कार्यकतार्ओं की लाशें पड़ी थीं। टीएलपी के प्रमुख मौलाना साद हुसैन रिजवी भी इस गोलीबारी में घायल हुए और मंच से गिर पड़े। इसके बावजूद उन्होंने गोलीबारी रोकने की बार-बार अपील की।
गाजा समझौते के खिलाफ टीएलपी मार्च
टीएलपी ने यह मार्च अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए गाजा शांति समझौते का विरोध करने के लिए शुरू किया था। मार्च लाहौर से इस्लामाबाद तक चलने वाला था। शुरुआत में ही पुलिस और रेंजर्स की गोलीबारी में 15 लोग मारे गए, लेकिन मौलाना साद के नेतृत्व में मार्च जारी रहा और मुरीदके पहुंचा। दो दिनों तक टीएलपी और सरकार के बीच मार्च को आगे बढ़ाने पर बातचीत भी हुई, लेकिन सोमवार को हुई हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया।