विज्ञापन
यह जानकारी चौंकाने वाली है। पूरी दुनिया में कुछ खास प्रकार के लोग हैं जो पूरी तरह नंगे होकर घूमते हैं। इन खास प्रकार के लोगों में स्त्री तथा पुरूष दोनों ही शामिल हैं। मजेदार बात यह है कि नंगे घूमने वाले इन स्त्री तथा पुरूषों को किसी भी प्रकार की शर्म नहीं लगती है।

Naturism : यह जानकारी चौंकाने वाली है। पूरी दुनिया में कुछ खास प्रकार के लोग हैं जो पूरी तरह नंगे होकर घूमते हैं। इन खास प्रकार के लोगों में स्त्री तथा पुरूष दोनों ही शामिल हैं। मजेदार बात यह है कि नंगे घूमने वाले इन स्त्री तथा पुरूषों को किसी भी प्रकार की शर्म नहीं लगती है। ऐसा भी नहीं है कि यें लोग किसी गरीब तबके से आते हैं। इन खास प्रकार के नंगे लोगों की आर्थिक स्थिति खूब मजबूत है। Naturism
आपको बता दें कि दुनिया भर में नंगा घूमने वाले लोगों ने बाकायदा एक समाज बना रखा है। इस समाज का नाम Naturist है। आपको बता दें कि दुनिया तेजी से बदल रही है और लोगों की जीवनशैली भी। इसी बदलती दुनिया में एक ऐसा समुदाय भी मौजूद है जो कपड़ों को केवल सामाजिक जरूरत मानता है, जीवन की अनिवार्यता नहीं। इन्हें कहा जाता है “नेचुरिस्ट” यानी Naturist। दुनिया के कई देशों में ऐसे लोग खुलेआम बिना कपड़ों के समुद्र तटों, रिसॉर्ट्स, कैंपों और विशेष आयोजनों में शामिल होते हैं। इनके लिए नग्न रहना अश्लीलता नहीं बल्कि प्राकृतिक जीवन का हिस्सा माना जाता है। हाल ही में इस विषय को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ये Naturist कौन होते हैं और क्यों बिना कपड़ों के रहने को अपनी आजादी, आत्मविश्वास और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक मानते हैं। विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुसार “Naturism” या “Nudism” एक ऐसी जीवनशैली है जिसमें लोग गैर-यौन तरीके से नग्न रहना पसंद करते हैं। इसका उद्देश्य शरीर को प्राकृतिक रूप में स्वीकार करना और सामाजिक झिझक को खत्म करना होता है। Naturism
Naturism केवल कपड़े उतार देने का नाम नहीं है। इसे मानने वाले लोग इसे एक विचारधारा बताते हैं। उनका कहना है कि इंसान जन्म से प्राकृतिक है और शरीर को लेकर शर्म पैदा करना समाज की बनाई हुई सोच है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई Naturist संगठन इसे “प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीवन” बताते हैं। उनके अनुसार इसमें शरीर के प्रति सम्मान, दूसरों की निजता का ध्यान और पर्यावरण से जुड़ाव जैसी बातें शामिल होती हैं। दुनिया भर में “Nudist” और “Naturist” शब्द अक्सर एक-दूसरे के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग दोनों में फर्क भी बताते हैं। Nudist आमतौर पर ऐसे लोगों को कहा जाता है जो बिना कपड़ों के रहना केवल आराम और स्वतंत्रता के लिए पसंद करते हैं। वहीं Naturist इसे एक व्यापक जीवनशैली मानते हैं जिसमें प्रकृति, स्वास्थ्य, योग, मानसिक शांति और सामाजिक समानता जैसी बातें भी जुड़ी होती हैं। Naturism
फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, क्रोएशिया, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ऐसे समुद्र तट और रिसॉर्ट मौजूद हैं जहां बिना कपड़ों के रहना कानूनी रूप से स्वीकार किया गया है। कई देशों में विशेष “Nude Beaches” बनाए गए हैं जहां लोग धूप सेंकते हैं, तैराकी करते हैं और छुट्टियां बिताते हैं। फ्रांस में तो Naturism को लेकर प्रदर्शनी तक आयोजित की जा चुकी है। वहां इसे शरीर की स्वतंत्रता और मानसिक सुकून से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस समुदाय में बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार भी शामिल होते हैं। कई देशों में फैमिली Naturist क्लब और कैंप चलते हैं जहां परिवार के लोग एक साथ बिना कपड़ों के समय बिताते हैं। Naturist समुदाय का दावा है कि यहां शरीर को लेकर भेदभाव कम होता है और लोग अपने शरीर को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी बनते हैं। कई रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि Naturist माहौल में अलग-अलग उम्र और शरीर वाले लोगों को बराबरी से देखा जाता है। Naturism
Naturist संगठनों का कहना है कि उनकी जीवनशैली का सेक्स या अश्लीलता से कोई संबंध नहीं होता। वे इसे “non-sexual social nudity” यानी सामाजिक लेकिन गैर-यौन नग्नता बताते हैं। ऐसे क्लबों और आयोजनों में सख्त नियम बनाए जाते हैं ताकि किसी प्रकार की अभद्रता न हो। हालांकि समाज के एक बड़े वर्ग में इसे लेकर आज भी गलतफहमियां हैं। सोशल मीडिया और फिल्मों में अक्सर Nudism को सनसनीखेज तरीके से दिखाया जाता है, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा होता है। भारत में यह संस्कृति खुले तौर पर बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए Naturism को लेकर चर्चा बढ़ रही है। कुछ भारतीय ब्लॉग्स और ऑनलाइन समुदायों में लोग यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे निजी जीवन में कपड़ों के बिना रहना पसंद करते हैं। हालांकि भारतीय समाज में इसे अब भी टैबू माना जाता है। रेडिट और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर Naturism को लेकर युवाओं में चर्चा बढ़ रही है। कई लोग इसे मानसिक आजादी, बॉडी पॉजिटिविटी और तनावमुक्त जीवन से जोड़कर देखते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में शरीर को लेकर जो दबाव बना है, उससे बाहर निकलने के लिए भी लोग इस जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
एक ओर Naturist समुदाय इसे प्राकृतिक और स्वस्थ जीवनशैली बताता है, वहीं दूसरी ओर कई समाजों में इसे लेकर विरोध और असहजता भी मौजूद है। अलग-अलग देशों के कानून और सामाजिक मान्यताएं भी इस विषय पर अलग-अलग हैं। लेकिन इतना तय है कि दुनिया में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो कपड़ों को पहचान नहीं बल्कि केवल सामाजिक सुविधा मानता है। उनके लिए शरीर को छिपाना जरूरी नहीं, बल्कि स्वाभाविक रहना ही असली आजादी है। Naturism
विज्ञापन