Gen-Z क्रांति के बाद क्यों छटपटा रही जनता? क्या हो रहा है नेपाल में?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:04 PM
नेपाल इस समय एक के बाद एक संकटों से जूझ रहा है। पहले Gen-Z क्रांति ने पूरे देश की सियासत को हिला कर रख दिया और अब ईंधन संकट ने आम जनता की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। भारत-नेपाल सीमा सील होने से तेल की आपूर्ति ठप हो गई है जिससे देशभर में हालात और भी गंभीर हो गए हैं। नेपाल फिलहाल न तो नया प्रधानमंत्री चुन पाया है और न ही अंतरिम सरकार बन सकी है। ऐसे में सेना के हवाले शासन है और आम लोगों को लंबी कतारों में पेट्रोल-डीजल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। चलिए इस पूरे संकट को 10 प्रमुख बिंदुओं में जानते हैं। Nepal Crisis
ईंधन की किल्लत से हाहाकार
भारत-नेपाल सीमा के आंशिक रूप से बंद होने के चलते सैकड़ों तेल टैंकर फंसे हुए हैं। खासकर धनगढ़ी जैसे इलाकों में कर्फ्यू के चलते सभी प्राइवेट फ्यूल स्टेशन बंद हैं। लोग सरकारी पंपों पर घंटों कतार में खड़े हैं।
नेतृत्व का संकट बरकरार
नेपाल अब तक नया प्रधानमंत्री नहीं चुन पाया है। पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है लेकिन अभी सर्वसम्मति नहीं बनी है।
सुशीला कार्की को मिल रहा समर्थन
Gen-Z आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सुदन गुरुंग ने कार्की के पक्ष में समर्थन दिया है। उनका कहना है कि देश को एक निष्पक्ष और सशक्त नेतृत्व की जरूरत है।
काठमांडू के मेयर भी साथ
काठमांडू के लोकप्रिय मेयर बालेन शाह ने भी सुशीला कार्की को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे उनके नाम की दावेदारी और मजबूत हो गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का गुस्सा
Gen-Z युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आंदोलन किया जिसके चलते हिंसा भड़की और 30 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसी आंदोलन ने केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया।
अन्य नाम भी रेस में
अंतरिम पीएम पद के लिए अन्य नामों में कुलमान घीसिंग, हरका संपांग और बालेन शाह जैसे चर्चित चेहरे भी शामिल हैं, लेकिन कार्की सबसे आगे मानी जा रही हैं।
कर्फ्यू में मिली आंशिक राहत
अधिकारियों ने कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील दी है। सुबह 6–11 बजे और शाम 5–7 बजे तक बाहर निकलने की अनुमति है। बाकी समय सख्त पाबंदी जारी है।
हालात अब भी तनावपूर्ण
कर्फ्यू ढील के बावजूद हालात सामान्य नहीं हुए हैं। सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं और कई जगहों पर अब भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
राष्ट्रपति की शांति की अपील
नेपाल के राष्ट्रपति ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, सेना ने Gen-Z नेताओं से कहा है कि वे किसी सामूहिक नेतृत्व पर सहमति बनाएं।
दिल्ली से काठमांडू जा रही DTC की एक बस नेपाल में जारी अस्थिरता के कारण फंस गई है। दिल्ली सरकार और दूतावास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपर्क में हैं। नेपाल इस समय राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक तीनों मोर्चों पर संकट से घिरा है। जहां एक ओर जनता बदलाव की मांग कर रही है वहीं दूसरी ओर सरकार और व्यवस्था दोनों चरमराई हुई हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर भारत से समन्वय और देश के अंदर एक स्थायी नेतृत्व की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है। Nepal Crisis