Nepal में हालात बेकाबू, सड़कों पर उतरी जनता, रखीं 5 बड़ी मांगें
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:17 AM
नेपाल में इन दिनों राजनीतिक संकट अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर चुकी है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि बांग्लादेश जैसे तख्तापलट की आशंका जताई जा रही है। राजधानी काठमांडू समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं जिनमें युवाओं की भागीदारी खासतौर पर देखी जा रही है। Nepal News
प्रदर्शन कर रही जनता का कहना है कि उन्हें लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही मिली है। सरकार ने जनता के भरोसे को तोड़ा है और अब वक्त आ गया है कि सत्ता से जवाब मांगा जाए। सोशल मीडिया पर विरोध की लहर और जमीन पर आंदोलन दोनों मिलकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
लोकतंत्र के नाम पर मिला भ्रष्टाचार
एक वायरल पोस्टर में आंदोलनकारियों का गुस्सा साफ दिखता है। उसमें लिखा है, "आपको इसलिए चुना क्योंकि हमने आप पर भरोसा किया लेकिन आपने हमारे बच्चों को मारा। अब हम वो सत्ता वापस ले रहे हैं। आपने लोकतंत्र का वादा किया था लेकिन हमें भ्रष्टाचार और दमन मिला। अब यह चक्र खत्म होगा। इस बार हम आपको अपने वोट से हराएंगे।"
युवाओं का गुस्सा चरम पर
सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया बैन के विरोध में हुई थी, जिसे सरकार ने बाद में वापस ले लिया लेकिन इससे गुस्साई जनता शांत नहीं हुई। युवाओं में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट को लेकर गहरा आक्रोश है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है लेकिन राजधानी में एक बार फिर हजारों लोग संसद भवन के बाहर जुटने लगे हैं। आंदोलनकारी अब इसे निर्णायक मोड़ पर ले जाने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक संकट गहराया
ओली सरकार पर पहले से ही अवसरवाद, तानाशाही प्रवृत्ति और जन विरोधी नीतियों के आरोप लगते रहे हैं। अब जब सड़कों पर जनता खुलकर विरोध कर रही है तो देश एक नए राजनीतिक अध्याय की ओर बढ़ता दिख रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अगर सरकार ने समय रहते जनभावनाओं को नहीं समझा, तो नेपाल में बांग्लादेश जैसे हालात बन सकते हैं। यह सिर्फ एक आशंका नहीं, बल्कि सड़कों पर उबलती हकीकत है।
संसद को तुरंत भंग किया जाए।
सभी मौजूदा सांसद इस्तीफा दें।
प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने वाले सीनियर अफसरों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
जनता के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनाई जाए।
उस अंतरिम सरकार के तहत जल्द से जल्द निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं। Nepal News