अमेरिका में भारतीयों के वीजा पर बड़ा झटका, तीन साल में भारी गिरावट
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:46 AM
अमेरिकी वीजा की हालिया संख्या ने भारतीयों के अमेरिका जाने के सपने पर संकट का संकेत दिया है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन सालों में भारत को एल-1, एल-4, आर-1, एच-1 और एच-2 वीजा में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जबकि चीन, नेपाल और वियतनाम जैसे देशों को फायदा मिला। New Delhi News :
किस वीजा में कितनी गिरावट
* एल-4 वीजा: भारत को मई 2025 तक 46,982 वीजा मिले, जबकि 2023 में ये संख्या 71,130 थी, लगभग 34% की कमी।
* आर-1 (छात्र वीजा): 17,800 से घटकर 11,484, करीब 35% गिरावट।
* एच-1 वीजा (कंपनी ट्रांसफर): भारत को 28% की कमी।
* एच-2 वीजा (इन वीजा धारकों के परिवार के लिए): लगभग 38% की गिरावट।
वहीं, चीन, नेपाल, वियतनाम, मेक्सिको और कई अफ्रीकी देशों ने इन वीजा श्रेणियों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है।
दक्षिण एशिया में भारत पीछे क्यों?
दक्षिण एशिया के अन्य देशों की तुलना में भारत सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। नेपाल ने आर-1 वीजा में 262% और एच-2 वीजा में 113% की वृद्धि दर्ज की। बांग्लादेश और पाकिस्तान ने भी वृद्धि देखी, जबकि श्रीलंका में मिले-जुले परिणाम रहे। अमेरिकी सरकार ने एल-1 वीजा के लिए सालाना \$100,000 शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भारतीय उम्मीदवारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ गया है। इस गिरावट का असर न केवल नौकरीपेशा भारतीयों पर बल्कि उनके परिवार और अध्ययन के अवसरों पर भी पड़ रहा है। New Delhi Newsउत्तर प्रदेश में है वह शहर जहां के जूते हैं पूरे देश में मशहूर