ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी बी-2 स्पिरिट बॉम्बर को बनाने वाला इंजीनियर क्यों है जेल में
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:11 AM
Noshir Govadia : अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए जिन स्टील्थ बॉम्बर्स इ-2 स्पिरिट का उपयोग किया गया, उनके पीछे एक भारतीय मूल के इंजीनियर की अहम भूमिका रही है। इस खुफिया हमलावर विमान के संचालन सिस्टम को विकसित करने वालों में भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक नॉशिर गोवाडिया का नाम प्रमुखता से शामिल है।
कौन हैं नॉशिर गोवाडिया?
नॉशिर गोवाडिया मुंबई में जन्मे और बाद में अमेरिका जाकर एयरोस्पेस इंजीनियर बने। उन्होंने लॉस एंजेलेस स्थित नॉर्थ्राॅप ग्रुम्मन नामक कंपनी में काम करते हुए बी-2 बॉम्बर के स्टील्थ प्रौद्योगिकी और प्रॉपल्शन सिस्टम पर गहरा योगदान दिया। उनका डिजाइन इतना उन्नत था कि यह विमान दुश्मन की रडार पर नहीं आता है और परमाणु बम गिराने में सक्षम है।
फिर क्यों गए जेल?
हालांकि, उनके शानदार करियर पर उस समय ग्रहण लग गया जब 2005 में उन्हें अमेरिका की खुफिया तकनीक को चीन को बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने बी-2 बॉम्बर की स्टील्थ तकनीक और प्रॉपल्शन से जुड़े बेहद संवेदनशील दस्तावेज चीनी एजेंटों को सौंपे। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उन्होंने न केवल चीन, बल्कि जर्मनी, इजराइल और स्विट्जरलैंड जैसे देशों को भी तकनीकी जानकारी भेजने की कोशिश की थी।
क्या हुआ नतीजा?
2011 में अमेरिकी अदालत ने उन्हें "राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़" का दोषी मानते हुए 32 साल की जेल की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी माना कि उन्होंने अमेरिका की रक्षा व्यवस्था को जानबूझकर खतरे में डाला। हालांकि भारत का इस मामले से सीधा लेना-देना नहीं है, लेकिन यह तथ्य काफी दिलचस्प है कि अमेरिका के सबसे घातक और आधुनिक स्टील्थ बॉम्बर के पीछे एक भारतीय मूल के वैज्ञानिक की सोच और मेहनत छिपी थी। नॉशिर गोवाडिया की कहानी एक तरफ प्रतिभा की मिसाल है, तो दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग का अंजाम कितना गंभीर हो सकता है।