अब मैदान में उतरा GPT-5, पीएचडी के प्रोफेसर वाली है बुद्धि
भारत
चेतना मंच
08 Aug 2025 03:36 PM
दुनिया आर्टिफिसयल इंटेलिजेंस यानि AI के मामले में बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। दुनिया के सामने AI के नए अवतार के रूप में GPT-5 आ गया है। GPT-5 ने मैदान में उतरते ही धूम मचा दी है। GPT-5 में लॉच होने की खबर पूरी दुनिया में तेज हवा की तरह से फैल रही है। GPT-5 को PHD कराने वाले प्रोफेसर से भी अधिक बुद्धीमान बताया जा रहा है। GPT-5
GPT-5 को जानने से पहले AI को जान लें
GPT-5 लाॉच हो चुका है। GPT-5 की विशेषताएं सबको हैरान कर देने वाली हैं। GPT-5 को समझने से पहले AI के विषय में जानना जरूरी है। AI को संक्षिप्त में समझना है तो बस इतना समझ लें कि AI एक ऐसी टैकनीक है जिसके द्वारा मशीन ईंसान की बुद्धी की तरह से काम करती है। कम्प्यूटर तथा मोबाइल फोन आदि पर AI से आप अपने मुश्किल से मुश्किल सवाल का जवाब जान सकते हैं। अभी तक दुनिया में बाजार में AI के लिए GPT का 4th वर्जन मौजूद था। शुक्रवार से GPT-5 का वर्जन मैंदान में आ चुका है। इस वर्जन को Oen –AI ने लॉच किया है। GPT-5 की लॉचिंग को टेक्रोलॉजी की दुनिया में बहुत बड़ी जम्प माना जा रहा है।
GPT-5 की लॉचिंग करते समय Open AI के ECO ने बड़ी जानकारी दी है। Open AI के CEO सैम ओल्टमैन ने कहा है कि GPT-5 के पास PHD की पढ़ाई को पढ़ाने वाले प्रोफेसर से भी तेज बुद्धी मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि GPT-5 मॉडल सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वो किसी भी विषय पर गहरी समझ रखता है, तर्क कर सकता है और जटिल से जटिल सवालों के जवाब भी आसानी से दे सकता है. ये आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की तरफ एक बड़ा कदम है, जिसका मकसद ऐसी मशीन बनाना है जो इंसानों की तरह सोच और समझ सके. जीपीटी-5 का जो फीचर सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो है ‘तात्कालिक सॉफ्टवेयर’ बनाने की क्षमता। आसान शब्दों में कहें तो अब आपको ऐप बनाने के लिए कोडिंग सीखने की जरूरत नहीं है। यूजर्स अब सिर्फ निर्देशों की एक सीरीज के जरिए बता सकते हैं कि उन्हें कैसा वेब एप्लिकेशन चाहिए। इसके बाद जीपीटी-5 खुद ही उसके लिए पूरा कोड लिख देगा। ये कोड ऐसा होगा जिसे आप सीधे एक विंडो में चलाकर देख सकते हैं। यानी आपका आइडिया मिनटों में एक चलते-फिरते ऐप में बदल जाएगा। ये फीचर उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जिनके पास अच्छे आइडिया तो हैं लेकिन कोडिंग नहीं आती। पुराने मॉडल्स की एक सीमा थी कि वो कभी-कभी सोचने या तर्क करने में समय लेते थे। जीपीटी-5 इस मामले में बहुत तेज है. जब इसे किसी जटिल सवाल पर तर्क करने की जरूरत होगी तो ये करेगा, लेकिन आपको नतीजों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेग।. ओपनएआई ने साफ किया है कि जीपीटी-5 अब तक लॉन्च हुए सभी मॉडल्स के मुकाबले कहीं ज्यादा सटीक होगा।
GPT-4 तथा GPT-5 का अंतर आप इस प्रकार समझ सकते हैं:
इंटेलीजेंस लेवल में:
GPT 4 का इंटेलिजेंस लेवल एक कॉलेज स्टूडेंट जैसा है, जबकि GPT 5 में PhD एक्सपर्ट जैसा इंटेलिजेंस है।
उपलब्धता में (Availability):
GPT 4 सिर्फ पेड़ यूजर्स के लिए अवेलेबल है, जबकि GPT 5 सभी के लिए फ्री में उपलब्ध है।
मुख्य क्षमता क्या है:
GPT 4 एडवांस्ड कंटेंट क्रिएशन का काम करता है जबकि GPT 5 तात्कालिक ऐप बनाने के साथ-साथ गहरे तर्क देने की भी क्षमता रखता है।
भारतीय भाषाएं:
GPT 4 इंडियन लैंग्वेज को सपोर्ट करता है, जबकि GPT 5 इंडियन लैंग्वेज केसाथ-साथ 12+ भाषाओं की बेहतर समझ रखता है।
स्पीड और तर्क के मामले में:
GPT 4 की स्पीड अच्छी है, लेकिन GPT 5 तुलनात्मक रूप से GPT 4 से बहुत तेज स्पीड में काम करता है और काफी बेहतर है।
सुरक्षा के मामले में:
GPT 4 में थोड़ी सुधार की गुंजाइश है, जबकि GPT 5 को सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर माना गया है।