सऊदी अरब को मिली परमाणु ताकत, पाकिस्तान को डिफेंस डील से क्या-क्या मिलेगा?
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 01:22 PM
मध्य पूर्व में इजराइल के बढ़ते दबदबे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ डिफेंस डील कर बैठे-बिठाए परमाणु ताकत हासिल कर ली है। इस डील ने वैश्विक कूटनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य में हलचल मचा दी है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि इस डील से पाकिस्तान को क्या लाभ होगा। अभी यह सामने नहीं आया है, हालांकि कयासबाजी शुरू है। Nuclear Power :
दोहा से सीधे सऊदी पहुंचे पाक पीएम और आर्मी चीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर दोहा से सीधे सऊदी अरब पहुंचे। उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से मुलाकात की। प्रारंभिक चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। सऊदी रक्षा मंत्री ने इसे ऐतिहासिक डील बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि कतर पर इजराइली हमले ने सऊदी को सतर्क कर दिया था। अमेरिकी सुरक्षा के बावजूद सऊदी ने पाकिस्तान के रूप में परमाणु संपन्न साथी तलाशा और उसे मिल गया।
पाकिस्तान को मिलेगा आर्थिक और निवेश लाभ
रक्षा क्षेत्र में सऊदी कमजोर स्थिति में है, लेकिन कूटनीतिक और वित्तीय रूप से मजबूत है। इस डील के तहत पाकिस्तान ने सऊदी से अधिक से अधिक निवेश की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के रेल मंत्री हनीफ अब्बासी के मुताबिक सऊदी और यूएई से 2.5 बिलियन डॉलर रेलवे के आधुनिकीकरण में निवेश के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य और ऊर्जा सेक्टर में अगस्त 2025 में सऊदी ने पाकिस्तान में इन क्षेत्रों में 121 मिलियन डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी। यह निवेश पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और रेलवे नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
कूटनीतिक लाभ भी मिलेगा
सऊदी अरब अमेरिका, रूस, चीन और भारत सहित कई देशों के साथ अच्छे रिश्ते रखता है। नए साझेदारी से पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर कूटनीतिक समर्थन मिलने की उम्मीद है। अफगानिस्तान के टीटीपी जैसे मुद्दों में सऊदी की मदद पाकिस्तान के लिए सहायक साबित हो सकती है। सऊदी में मक्का और मदीना स्थित हैं, जो पाकिस्तानियों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र हैं। 2024 में हज के लिए लगभग 80 हजार पाकिस्तानियों को परमिशन नहीं मिली थी। नए डील के बाद पाकिस्तान धार्मिक मामलों में भी सऊदी से सहूलियत लेने की कोशिश करेगा।