पाक-सऊदी रक्षा समझौते के बीच भी भारत-खाड़ी रिश्ते मजबूत, यूएई और सऊदी सबसे भरोसेमंद
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:19 AM
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए रक्षा समझौते ने भारत-खाड़ी देशों के रिश्तों पर बहस छेड़ दी है। समझौते के तहत अगर किसी एक देश पर हमला होगा तो दूसरे पर भी हमला माना जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सऊदी को इस डील में परमाणु कवच नहीं मिलेगा। इस समझौते पर सभी की नजर है खासकर परमाणु संपन देश विशेष रूप से नजर बनाए हुए हैं कि आखिर पाकिस्तान ने सऊदी को परमाणु शöिक्त किस रूप में देने जा रही है। Pak-Saudi Agreement :
खाड़ी देशों का महत्व
सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान और इराक को खाड़ी देश कहा जाता है। इन देशों के साथ भारत का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऊर्जा आधारित रिश्ता है। यहाँ लाखों भारतीय रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत कड़ी हैं। सऊदी अरब ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग में भारत का परंपरागत सहयोगी। लगभग 26 लाख भारतीय यहां रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रैल 2024 में तीसरी बार सऊदी दौरा किया।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
भारत का सबसे बड़ा दोस्ताना मंच। यहाँ 43 लाख भारतीय रहते हैं, जो इस देश की 35% आबादी है। भारत को मिलने वाले रेमिटेंस का लगभग 27% सिर्फ यूएई से आता है। व्यापार 2021-22 में 28.4 अरब डॉलर तक पहुंचा और 2026 तक 100 अरब डॉलर होने की संभावना। अन्य खाड़ी देशों में कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान में भारतीय समुदाय और आर्थिक योगदान मजबूत है। इराक से भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 22% आयात करता है।
तीन मजबूत स्तंभ
1. अप्रवासी भारतीय (करीब 89 लाख)
2. रेमिटेंस (80 अरब डॉलर में से आधे से ज्यादा खाड़ी से)
3. ऊर्जा और व्यापार (भारत की 60% तेल जरूरत खाड़ी से)
खाड़ी के हर देश के साथ भारत के रिश्ते अलग मोर्चों पर मजबूत हैं। लेकिन अगर पक्के दोस्त की बात करें, तो यूएई और सऊदी अरब सबसे आगे हैं।