पाकिस्तान ने अफगान बॉर्डर के पास तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और सहयोगी संगठनों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। अफगान अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में 19 लोगों की मौत हुई।

अफगानिस्तान की सीमा के पास पाकिस्तान की ओर से एयरस्ट्राइक का मामला एक बार फिर विवादों में आ गया है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उसके सहयोगी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं अफगान सरकार का कहना है कि, इस हमले में आम नागरिकों और मदरसों को नुकसान पहुंचा है। इस घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों को और जटिल बना दिया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सेना ने TTP और सहयोगी संगठनों के सात कैंपों पर चयनात्मक ऑपरेशन किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक गुट पर भी कार्रवाई की गई। पाकिस्तान का दावा है कि इन एयरस्ट्राइकों का उद्देश्य उन आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करना था जो हाल ही में पाकिस्तान में फिदायीन हमलों के लिए जिम्मेदार थे।
अफगान सरकार ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने मदरसे और आम नागरिकों को निशाना बनाया। उनके अनुसार इस हमले में 19 लोगों की मौत हुई है। अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई अप्रिय परिणामों का कारण बन सकती है और इसे बदले की कार्रवाई के रूप में देखा जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमल जिले और नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में एयरस्ट्राइक की। इसके अलावा बरमल और अर्गुन के साथ-साथ नंगरहार के बहसोद और गनी खेल जिलों में भी कई हमले किए गए। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि धार्मिक मदरसों और स्थानीय आबादी को भी नुकसान हुआ है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में आत्मघाती हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई थी। इसके अलावा बन्नू जिले में हुए एक अन्य आत्मघाती हमले में दो सैनिक, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल थे, मारे गए। पाकिस्तान ने इन हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे TTP नेतृत्व का हाथ होने का आरोप लगाया है।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) अफगान तालिबान से अलग संगठन है लेकिन दोनों का करीबी सहयोग माना जाता है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले करने के लिए करते हैं। हालांकि काबुल और TTP इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
2021 में अफगान तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तनाव देखा गया है। पिछले वर्ष सीमा पर हुई झड़पों में कई सैनिक और नागरिक मारे गए थे। कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम फिलहाल कायम है लेकिन औपचारिक समझौता अभी तक नहीं हुआ है। इस एयरस्ट्राइक ने सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है।