
Pakistan news : चौतरफा संकट से घिरे पाकिस्तान में ऐसे कई हुक्मरान हुए , जो कभी साजिश के शिकार हुए, कभी जेल में ठूंसे गए तो कभी तड़ीपार ही कर दिए गए। बदकिस्मती ऐसी कि साजिशन हत्या तक हुई। इसी क्रम में एक नाम और जुड़ने वाला है। लंबे समय तक क्रिकेटर रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) पर भी यही संकट मंडरा रहा है। खबरों के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान की गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है।
तोशखाना प्रकरण में पूर्व PM इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए इस्लामाबाद पुलिस जमान पार्क स्थित उनके आवास पहुंची हुई है। इमरान के निकट करीबी और पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि गिरफ्तारी से वातावरण अनियंत्रित हो सकता है. वहीं, पाक पुलिस ने गिरफ्तारी में अड़चन डालने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दे दी है। खबर है कि अदियाला जेल में इमरान खान के लिए एक खास सेल भी तैयार की जा रही है।
इमरान से पहले इस मुल्क के और भी राष्ट्राध्यक्ष साजिश, जेल या हत्या के शिकार हो चुके हैं। आइए, जरा विस्तार से जानते हैं उन बदकिस्मत हुक्मरानों के बारे-
पाकिस्तान के संस्थापक के नाम से मशहूर मोहम्मद अली जिन्ना के राइट हैंड कहे जाने वाले लियाकत अली खां पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बनाए गए थे। तारीख़ 13 अक्टूबर 1951 । रावलपिंडी के कंपनी गार्डन में लियाकत अली एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। करीब एक लाख लोगों की इस भीड़ में सईद अकबर नाम का एक अफगानी मंच के सामने ही बैठा था। सईद अचानक उठा और लियाकत अली खां को गोलियों से भून डाला।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने जुल्फिकार अली भुट्टो के हिस्से फांसी आयी। जुल्फिकार पर विपक्षी नेता अहमद रजा कसूरी के पिता की हत्या का आरोप लगा। कोर्ट ने उन्हें मौत की सजा सुना दी। 3 अप्रैल 1979 की रात 2 बजे रावलपिंडी जेल में जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर लटका दिया गया।
जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी बेनजीर भुट्टो। पाकिस्तान की या कहिए कि किसी भी मुस्लिम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं बेनजीर। तारीख 27 दिसम्बर 2007 को वो रावलपिंडी के कंपनी गार्डन में ही एक चुनावी रैली को संबोधित कर लौट रही थीं। आत्मघाती हमलावर बिलाल ने उन्हें गोली मार दी बाद में खुद को भी बम से उड़ा लिया।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान की स्पेशल अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। बुरी तरह बीमार पड़ने पर वो इलाज के लिए दुबई गए और वापस पाकिस्तान लौटे ही नहीं। पिछले दिनों ही दुबई के अस्पताल में उनका निधन हो गया।