गाजा शांति डील में मिस्र की बड़ी जीत, अमेरिका की योजना में मिला जिम्मा
भारत
RP Raghuvanshi
30 Sep 2025 06:52 PM
भारत
RP Raghuvanshi
30 Sep 2025 06:52 PM
गाजा में शांति की कोशिशों में अब मिस्र की बड़ी भूमिका सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 सूत्रीय प्रस्ताव के अनुसार, युद्धविराम होते ही गाजा में इंटरनेशनल स्पेशल फोर्स की तैनाती की जाएगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस तैनाती की जिम्मेदारी मिस्र को दी जाने की तैयारी है। मिस्र अपने प्रशिक्षित सैनिकों के जरिए गाजा में कानून और व्यवस्था बनाए रखेगा। Peace in Gaza :
मिस्र को क्यों मिला जिम्मा?
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, अरब देशों ने गाजा के विकास को लेकर अमेरिका से संपर्क किया था। इस दौरान यह तय हुआ कि फिलिस्तीन के विकास में अरब देश निवेश करेंगे और सैन्य संचालन की जिम्मेदारी मिस्र को सौंपी जाएगी। मिस्र खाड़ी देश कतर के साथ मिलकर इजराइल और हमास के बीच शांति समझौते कराने में भी सक्रिय है। मिस्र की इजराइल के साथ सीमा साझा करने और मजबूत सैन्य क्षमता होने के कारण यह जिम्मेदारी दी गई है। मिस्र के पास हमास का नेटवर्क भी है। 9 सितंबर को दोहा में इजराइल द्वारा हमास के टॉप कमांडरों पर किए गए अटैक के दौरान मिस्र ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर उनके इलाके में हमला हुआ तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गाजा में हालात
7 अक्टूबर 2023 से हमास और इजराइल के बीच गाजा और खान यूनुस में जंग जारी है। इस जंग में 66 हजार फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। इजराइल के दावों के अनुसार, हमास के अधिकांश बड़े कमांडर मारे जा चुके हैं और उनके 90 प्रतिशत हथियार नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार, युद्धविराम के बाद फिलिस्तीन विकास प्राधिकरण का स्वरूप तय करने के लिए एक टीम गठित होगी, जिसकी अगुवाई ट्रंप खुद करेंगे। शुरुआती तौर पर मिस्र करीब 3 हजार सैनिकों को प्रशिक्षित कर गाजा में तैनात करेगा ताकि शांति और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।