बांग्लादेश में सेना कर सकती है तख्तापलट, यूनुस की उल्टी गिनती शुरू
Political Crisis
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:23 PM
Political Crisis : बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, सेना के भीतर असंतोष बढ़ रहा है, और सैन्य तख्तापलट की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान की हालिया टिप्पणियों ने इस संकट को और हवा दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि देश के नागरिक अपने मतभेद भुलाकर एकजुट नहीं होते हैं, तो बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।
सेना सरकार के खिलाफ उठा सकती है कोई बड़ा कदम
इस बयान के बाद यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सेना सरकार के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश सेना ने देश की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है, जिससे तख्तापलट की आशंका और बढ़ गई है। हाल ही में सेना की एक आपातकालीन बैठक हुई, जिसमें उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में पांच लेफ्टिनेंट जनरल, आठ मेजर जनरल और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कहा जा रहा है कि इस बैठक में सेना के संभावित कदमों पर चर्चा हुई और कई अहम निर्णय लिए गए।
यूनुस सरकार के खिलाफ लोगों का भरोसा उठ रहा
बांग्लादेश में यह संकट तब शुरू हुआ जब पिछले साल शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार का पतन हुआ और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला। हालांकि, उनकी सरकार के प्रति जनता का विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। देश में हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान बांग्लादेश की ओर गया है।
सेना नियंत्रण अपने हाथ में लेने की बना रही योजना
अब खबरें आ रही हैं कि सेना यूनुस सरकार को हटाने और नियंत्रण अपने हाथ में लेने की योजना बना रही है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सेना राष्ट्रपति पर आपातकाल की घोषणा करने का दबाव बना सकती है या फिर सीधे सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम उठा सकती है। इसके अलावा, सेना की निगरानी में एक राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
यूनुस चीन की यात्रा पर जाने वाले
इस बीच, मोहम्मद यूनुस जल्द ही चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। यह दौरा बांग्लादेश-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत सहित अन्य पड़ोसी देश इस यात्रा पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि इससे क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव आ सकते हैं। बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है और आने वाले दिनों में वहां बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। सेना के अगले कदम और सरकार की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।