गजब कंगाल है पाकिस्तान! क्रिकेटरों से वादाखिलाफी, 'वर्ल्ड चैंपियन' तक का चेक हो गया बाउंस
भारत
चेतना मंच
30 Sep 2025 03:32 PM
पाकिस्तान क्रिकेट में मैदान से ज्यादा विवाद अब ड्रेसिंग रूम और सियासत से निकल रहे हैं। एशिया कप 2025 में पाकिस्तान भले ही फाइनल तक पहुंचा हो, लेकिन भारत से मिली हार और पीसीबी की करतूतों ने देश को और शर्मसार कर दिया। मैदान पर जहां टीम का प्रदर्शन साधारण रहा, वहीं बाहर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक के बाद एक विवाद खड़े किए। भारत ने मैच के बाद पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया, जिस पर पीसीबी ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। इतना ही नहीं, उन्होंने सूर्यकुमार यादव तक को विवाद में घसीटा क्योंकि उन्होंने जीत को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को समर्पित किया था। सबसे चौंकाने वाली घटना तब हुई जब भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया और इसके बाद पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी एशिया कप की ट्रॉफी लेकर ही मैदान से खिसक लिए। Poor Pakistan :
वादों का पहाड़, चेक हो गया बाउंस
दरअसल, पाकिस्तान में खिलाड़ियों से धोखा कोई नई बात नहीं है। 2009 का वाकया आज भी चर्चा में है जब पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था। उस वक्त के दिग्गज गेंदबाज सईद अजमल ने हाल ही में एक खुलासा किया। उनका कहना था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने वर्ल्ड चैंपियन टीम को 25-25 लाख रुपये देने का ऐलान किया था। लेकिन, खिलाड़ियों तक कभी यह रकम पहुंची ही नहीं। अजमल के मुताबिक, मुझे तभी पहली बार पता चला कि सरकारी चेक भी बाउंस हो सकता है। हमें बताया गया कि पीसीबी इसका इंतजाम करेगा, लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया कि यह सरकार का वादा है, वे नहीं देंगे। अंतत: हमें सिर्फ आईसीसी की तरफ से ही इनामी राशि मिली।
भारत का साफ संदेश
वहीं दूसरी तरफ, बीसीसीआई और भारत सरकार ने एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम पर इनामों की बरसात कर दी। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को 21 करोड़ रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को सम्मानित करने की यह परंपरा पुरानी रही है। यानी, एक ओर पाकिस्तान जहां खिलाड़ियों के साथ वादाखिलाफी और चेक बाउंस जैसी शर्मनाक घटनाओं से जूझ रहा है, वहीं भारत खिलाड़ियों को उनका हक देने में कभी पीछे नहीं हटता।