यूरोप के कई देशों में बिजली संकट, पूरी तरह अंधेरे में डूबा
Power Crisis
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:38 AM
Power Crisis : 28 अप्रैल 2025 को, यूरोप के कई देशों विशेषकर स्पेन, पुर्तगाल और फ्रांस के कुछ हिस्सों में अचानक व्यापक बिजली संकट उत्पन्न हुआ, जिससे परिवहन, संचार और अन्य आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। मोबाइल नेटवर्क, एटीएम, अस्पताल और हवाई अड्डे भी प्रभावित हुए, हालांकि बैकअप जनरेटर की मदद से कुछ सेवाएं चालू रहीं।
ब्लैकआउट का प्रभाव
स्पेन और पुर्तगाल : मैड्रिड, बार्सिलोना, लिस्बन और पोर्टो जैसे प्रमुख शहरों में मेट्रो सेवाएं ठप हो गईं, ट्रैफिक लाइट्स बंद हो गईं, और लोग लिफ्टों में फंस गए। मैड्रिड ओपन टेनिस टूनार्मेंट को भी स्थगित करना पड़ा।
फ्रांस : दक्षिणी फ्रांस के कुछ हिस्सों में भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई, हालांकि वहां स्थिति जल्दी सामान्य हो गई।
संभावित कारण
यूरोपीय पावर ग्रिड में तकनीकी समस्या : स्पेन और पुर्तगाल के ग्रिड आॅपरेटरों ने बताया कि यह संकट यूरोपीय पावर ग्रिड में आई समस्या के कारण उत्पन्न हुआ।
साइबर अटैक की आशंका : स्पेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संस्थान इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं यह साइबर हमला तो नहीं था।
फ्रांस में हाई-वोल्टेज लाइन में आग : स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम फ्रांस के अलारिक पर्वत में एक हाई-वोल्टेज लाइन में आग लगने से यह संकट उत्पन्न हो सकता है।
पुनर्स्थापना प्रयास
स्पेन : नेशनल ग्रिड आॅपरेटर रेड एलेक्ट्रिका ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 6 से 10 घंटे का समय लग सकता है।
पुर्तगाल : ग्रिड आॅपरेटर ई-रेडेस ने नेटवर्क को स्थिर करने के लिए चयनात्मक बिजली कटौती लागू की।
सरकारी प्रतिक्रिया : दोनों देशों की सरकारों ने आपातकालीन बैठकें बुलाईं और स्थिति की निगरानी के लिए विशेष समितियां गठित कीं।
हाल के वर्षों में यूरोप में हुआ सबसे बड़ा बिजली संकट
यह ब्लैकआउट हाल के वर्षों में यूरोप में हुआ सबसे बड़ा बिजली संकट माना जा रहा है, जिससे 50 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हुए। हालांकि बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इस घटना ने यूरोपीय पावर ग्रिड की कमजोरियों और साइबर सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है।