फरिश्ता शब्द आपने जरूर सुना होगा। फरिश्ता (Angel) शब्द अरबी भाषा का शब्द है। फरिश्ता को हिन्दी में दूत अथवा संदेशवाहक कहते हैं। धार्मिक मान्यता यह है कि फरिश्ता ईश्वर का भेजा हुआ दूत होता है। फरिश्ता ईश्वर का संदेश धरती पर फैली हुई पूरी मानवता को देकर मानव को सही मार्ग पर चलाने तथा मानव की रक्षा करने का काम करता है। Farishta
फरिश्ता हर देश में मौजूद
आपको बता दें कि, उस व्यक्ति को भी फरिश्ता ही कहा जाता है जो व्यक्ति किसी की जान तथा माल की रक्षा करता है। इस प्रकार के फरिश्ते दुनिया के हर देश में मिलते हैं। यहां हम आपको ऐसे ही एक फरिश्ते की सच्ची जानकारी दे रहे हैं। जिस फरिश्ते के विषय में हम जानकारी दे रहे हैं वह फरिश्ता एक विद्यालय का प्रधानाचार्य है। विद्यालय के प्रधानाचार्य के पद पर रहते हुए फरिश्ता बने इस प्रधानाचार्य ने दो-चार नहीं पूरे 936 छात्रों की जान बचाकर फरिश्ता होने का बड़ा सबूत दिया है। जिस फरिश्ते की हम आपको जानकारी दे रहे हैं वह फरिश्ता पाकिस्तान के एक विद्यालय का प्रधानाचार्य है। आमतौर पर पाकिस्तान के लोगों को हिंसा में यकीन करने वाला माना जाता है। इस प्रधानाचार्य ने अपनी सूझ-बूझ से 936 छात्रों की जान बचाकर साबित किया है कि फरिश्ते हर देश में रहते हैं फिर चाहे वह देश पाकिस्तान जैसा हिंसा पसंद देश ही क्यों ना हो।
प्रधानाचार्य की सूझ-बूझ से बच गई 936 छात्रों की जान
आपको बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के स्वात के मंगलौर इलाके में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य की सूझबूझ से 936 विद्यार्थियों को बाढ़ से सकुशल बचा लिया गया। बच्चों को उनके घर भेजने के बाद विद्यालय जलमग्न हो गया और उसकी दीवारें व कक्षाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। जियो न्यूज के अनुसार प्रधानाचार्य सईद अहमद ने कहा कि जिस सुबह बाढ़ आई, उन्होंने पास की एक नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ता देखा। उन्होंने बिना एक पल गंवाए शिक्षकों को बच्चों को तुरंत घर भेजने का आदेश दिया। कुछ ही मिनटों बाद बाढ़ का पानी स्कूल में घुस गया। बाढ़ इतनी भीषण थी कि देखते-देखते चारदीवारी गिर गई। कक्षाएं और कार्यालय पानी में डूब गए। मात्र पांच मिनट में पूरा स्कूल जलमग्न हो गया।
अहमद ने कहा कि तब तक 936 विद्यार्थियों में से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। एक भी जान नहीं गई। अहमद ने सरकार से स्कूल का पुनर्निर्माण कराने की अपील की ताकि बच्चे स्कूल आना शुरू कर सकें। इस बीच राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल इनाम हैदर ने कहा कि इस साल के मानसून की तीव्रता पिछले साल की तुलना में लगभग 50 से 60 फीसद अधिक है। सितंबर के पहले हफ्ते में मानसून के फिर आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मानसून की शुरुआत से ही पाकिस्तान में हुई मूसलाधार बारिश ने 650 से अधिक लोगों की जान ले ली है और 920 से ज्यादा घायल हुए हैं। इससे पहले 2022 में मानसून की बाढ़ ने मुल्क के एक तिहाई हिस्से को जलमग्न कर दिया था और लगभग 1,700 लोगों की जान गई थी। इतनी बड़ी त्रासदी के बीच विद्यालय के प्रधानाचार्य सईद अहमद फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। इस फरिश्ते की दुनिया भर में खूब तारीफ हो रही है। Farishta