उत्तर कोरिया की किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया के शांति प्रस्ताव को ठुकराया
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 07:30 AM
Pyongyang (North Korea) : उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन और प्रभावशाली किम यो-जोंग ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के शांति प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की। किम यो-जोंग उत्तर कोरियाई सत्तारूढ़ पार्टी की केंद्रीय समिति की उप-निदेशक हैं। उत्तर कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से द कोरिया टाइम्स ने बताया है कि किम यो-जोंग ने यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के महानिदेशकों के साथ हुई बैठक में की। उत्तर कोरिया की प्रभावशाली किम यो-जोंग ने कहा कि सियोल, प्योंगयांग का राजनयिक समकक्ष नहीं हो सकता और क्षेत्रीय कूटनीति में दक्षिण कोरिया को कोई भूमिका नहीं दी जाएगी।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों की भी कड़ी निंदा
किम ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, हमारे देश को केंद्र में रखकर चल रहे मंच में दक्षिण कोरिया की छोटी से छोटी भूमिका भी स्वीकार नहीं होगी। राष्ट्रपति ली इतिहास की दिशा बदलने के काबिल नहीं हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हाल ही में अपने मुक्ति दिवस भाषण में स्पष्ट किया था कि वे उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था का सम्मान करेंगे और एकीकरण के लिए किसी भी तरह का दबाव नहीं डालेंगे। उन्होंने 2018 में निलंबित अंतर-कोरियाई सैन्य समझौते को बहाल करने के लिए कदम उठाने का वादा भी किया था।
राष्ट्रपति की कैबिनेट बैठक में की गई टिप्पणियों को मूर्खतापूर्ण सपना बताया
किम यो-जोंग ने हालांकि कहा कि ली प्रशासन ने सुधार के प्रयास किए हैं, लेकिन उनका असली टकराव का इरादा छुपाया नहीं जा सकता। उन्होंने राष्ट्रपति की कैबिनेट बैठक में की गई टिप्पणियों को मूर्खतापूर्ण सपना बताते हुए खारिज कर दिया। किम ने नवीनतम संयुक्त सैन्य अभ्यासों को भी शांति प्रस्ताव के बहाने आयोजित किए गए प्रयासों के रूप में आलोचना की और कहा कि इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के रक्षामंत्री आह्न ग्यू-बैक, विदेश मंत्री चो ह्युन और समन्वय मंत्री चुंग डोंग-यंग की नीतियों और कृत्यों की भी कड़ी आलोचना की।