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भारत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक टीवी धारावाहिकों में शामिल रामायण ने न सिर्फ भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी।

Across the Border : भारत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक टीवी धारावाहिकों में शामिल रामायण ने न सिर्फ भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। रामानंद सागर द्वारा निर्देशित यह शो 1987 में प्रसारित हुआ और इसके 78 एपिसोड ने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। आज भी इस धारावाहिक की लोकप्रियता कायम है और इसे भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे प्रभावशाली शो में गिना जाता है।
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कहा जाता है कि पाकिस्तान के कुछ इलाकों में इस शो को देखने की ऐसी ललक थी कि लोगों ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और टीवी खरीदा। उस दौर में कई घरों में टेलीविजन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में मोहल्ले के लोगों ने आपस में पैसे जमा करके एक टीवी लगाया, ताकि वे सामूहिक रूप से रामायण देख सकें। यह घटना इस बात का संकेत देती है कि यह धारावाहिक धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ने में सक्षम था।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह टीवी लगाया गया था वहां हर एपिसोड के समय भारी भीड़ जमा हो जाती थी। लोग नियमित रूप से एक साथ बैठकर राम, सीता और रावण की कथा देखते थे और पूरी श्रद्धा व उत्साह के साथ इस धारावाहिक का आनंद लेते थे। यह भी बताया जाता है कि शो के प्रसारण के दौरान माहौल पूरी तरह शांत और भक्तिमय हो जाता था।
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रामायण केवल एक टीवी शो नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक घटना बन गया था। भारत में इसके प्रसारण के दौरान सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग इसे पूजा की तरह देखते थे। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान 2020 में इसके पुन: प्रसारण ने एक बार फिर इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया और रिकॉर्ड व्यूअरशिप हासिल की।
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दशकों बाद भी यह धारावाहिक लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में भी इसकी चर्चा होती रहती है। पाकिस्तान में रामायण को लेकर बनी यह अनोखी कहानी इस बात का उदाहरण है कि कंटेंट सीमाओं से परे जाकर भी लोगों को जोड़ सकता है। रामानंद सागर की रामायण सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी बेहद लोकप्रिय थी। लोगों ने चंदा करके टीवी खरीदा और सामूहिक रूप से इस शो को देखा।
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