
पाकिस्तान के झेलम शहर में एक बार फिर धार्मिक हलचल मच गई है। पाकिस्तान में अक्सर अपनी बेबाक राय को लेकर सुर्खियों में रहने वाले धार्मिक विद्वान इंजीनियर मोहम्मद अली मिर्जा को पंजाब प्रांत के झेलम में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 3 एमपीओ की धारा 3 के तहत की गई, जिसके अंतर्गत लोक व्यवस्था भंग करने की आशंका पर व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। Pakistan News
स्थानीय अखबार द नेशन के मुताबिक, झेलम के उपायुक्त के आदेश पर सिटी पुलिस ने मिर्जा को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उनकी धार्मिक अकादमी को भी सील कर दिया। बताया जा रहा है कि धार्मिक समूहों की औपचारिक शिकायत और मौलवियों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा उपायुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग के बाद यह कदम उठाया गया। इंजीनियर मिर्जा पाकिस्तान में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काफी लोकप्रिय हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 31 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, जहां वे धार्मिक मुद्दों पर ऑनलाइन व्याख्यान देते हैं। उनकी स्पष्टवादिता और आलोचनात्मक शैली ने उन्हें लोकप्रिय तो बनाया, लेकिन कई बार विवादों के केंद्र में भी ला खड़ा किया।
यह पहली बार नहीं है जब मिर्जा पुलिस के रडार पर आए हों। मई 2020 में उन्हें एक विवादित भाषण के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। मार्च 2021 में उन पर जानलेवा हमला भी हो चुका है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, झेलम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मिर्जा को 30 दिनों के लिए हिरासत में रखा जाएगा। गौरतलब है कि वे उन 17 मौलवियों की सूची में शामिल हैं जिन पर पिछले वर्ष मुहर्रम के दौरान झेलम के डिप्टी कमिश्नर ने भाषण देने पर पाबंदी लगा दी थी। Pakistan News