
UK Elections 2024 : ब्रिटेन के भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ब्रिटेन में चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी है। ब्रिटेन में चुनाव 4 जुलाई से होंगें । हालांकि यह चुनाव जनवरी 2025 में शेड्यूल थे लेकिन 6 महीने पहले ही उन्होंने चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी । अब 4 जुलाई से यूनाइटेड किंगडम में आम चुनाव होंगे ।
यदि चुनाव अपने समय के अनुसार होते तो जनवरी में चुनाव होने थेे, लेकिन 6 महीने पहले ही चुनाव की घोषणा करने के पीछे आखिर ऋषि सुनक की मंशा क्या है। ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी के मुखिया और प्रधानमंत्री हैं। चुनाव जनवरी में होने थे लेकिन तमाम विपक्ष पार्टियां अभी से ही चुनाव की तैयारी में जुट गई थी। बुधवार को इंग्लैंड में बरसात के बीच 44 वर्ष के ऋषि सुनक ने अचानक ही एक बड़े सरप्राइज के तौर पर अपने आधिकारिक निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर प्रेस के सामने 4 जुलाई को ब्रिटेन में आम चुनाव करवाने की घोषणा कर दी। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में कंजरवेटिव पार्टी की ब्रिटेन में लोकप्रियता काफी कम हुई हैं ।रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 14 साल से सत्ता पर काबिज सुनक की पार्टी कंजर्वेटिव के इस चुनाव में कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली विपक्षी लेबर पार्टी से हारने की आशंका है. सभी जनमत सर्वेक्षणों में टोरीज़ लेबर से पीछे चल रहे हैं।
UK Elections 2024
कंजरवेटिव पार्टी के नेताओं का विवादों से गहरा नाता रहा है और कई सर्वे भी यह बता रहे हैं की कंजरवेटिव पार्टी को ब्रिटेन में शायद अगला टर्म नहीं मिलेगा। ऐसे मे जल्दी चुनाव की घोषणा करवा कर ऋषि सुनक शायद जताना चाहते हैं कि वह अपनी पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त है और उनमें विश्वास की कोई कमी नहीं है ।आपको बता दें कि ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी 14 सालों से लगातार सत्ता में बनी हुई है और इस दौरान कंजरवेटिव पार्टी में शीर्ष नेताओं का लगातार बदलाव होता रहा और कई बड़े फैसलों के लिए शीर्ष नेताओं को दोषी भी ठहराया गया । चाहे वह यूरोपीय यूनियन से हटने का मामला हो या फिर बढ़ती घरेलू समस्याएं ।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 14 साल से सत्ता पर काबिज सुनक की पार्टी, कंजर्वेटिव (Conservative Party)के इस चुनाव में कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली विपक्षी लेबर पार्टी (Labour Party) से हारने की आशंका है. सभी जनमत सर्वेक्षणों में टोरीज़ लेबर से पीछे चल रहे हैं। सुनक की सरकार के बारे में जनता की राय खराब है - लेबर पार्टी, कंजर्वेटिव से लगभग 20 प्रतिशत अंक आगे चल रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो साल से भी कम समय पहले पीएम का पद संभालने के बाद से उन्होंने खुद को एक सुधारक, टेक्नोक्रेट और स्थिर नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। हालाँकि, वैश्विक जीवन-यापन संकट ने किसी भी सफलता पर ग्रहण लगा दिया है । इलेक्शन को 6 महीने पहले आहूत कर लेने के पीछे ऋषि सुनक की कोई रणनीति जरूर हो सकती है। ब्रिटेन में संसदीय व्यवस्था है। भारत की तरह ही इस संसदीय व्यवस्था में सत्ता रूढ पार्टी को शासन करने के पूरे 5 साल मिलते हैं लेकिन सत्ता रूढ पार्टी समय से पहले भी चुनाव की घोषणा कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे थे कि समय से पहले चुनाव की घोषणा नहीं होगी क्योंकि ऋषि सुनक अपने टाइम को पूरा करना चाहेंगे और ब्रिटेन की गिरती अर्थव्यवस्था को भी संभालने की पूरी कोशिश करेंगे ताकि जनवरी तक उनके पास जनता को दिखाने के लिए कुछ उपलब्धियां रहे। लेकिन ऋषि सुनक ने तारीखों का ऐलान करके सबको चौंका दिया है। ऋषि सुनक की इसके पीछे क्या रणनीति हो सकती है इसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस घोषणा के बाद ब्रिटेन की मुख्य विपक्षी पार्टी लेबर पार्टी के पास खुश होने के कई कारण है क्योंकि लेबर पार्टी का मानना है कि 14 वर्ष के कार्यकाल के बाद जनता एक बार फिर कंजरवेटिव को चुनने के लिए तैयार नहीं है
इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नमेंट के अनुसार, सर्दी तक आर्थिक कारकों में सुधार की उम्मीद थी, जिसे शुरू में फायदेेेेमंद माना गया था। लेकिन हाल ही में मुद्रास्फीति गिरकर 2.3 प्रतिशत पर आ गई, जिसने चुनाव के समय की रणनीति में बदलाव किया। शीघ्र चुनाव कराने के उनके फैसले को उनकी अपनी पार्टी से विभाजित प्रतिक्रिया मिली। संभावित कानूनी चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए कुछ टोरीज़ का मानना है कि चुनाव के लिए यह सही समय है, जबकि अन्य इस फैसले से हैरान थे। चुनाव की घोषणा करने के लिए भारी बारिश में अपने डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय के बाहर खड़े होकर, सुनक ने प्रधान मंत्री और पूर्व वित्त मंत्री दोनों के रूप में अपनी उपलब्धियां गिनाईं।“अब ब्रिटेन के लिए अपना भविष्य चुनने और यह तय करने का समय आ गया है कि क्या वह हमारे द्वारा की गई प्रगति को आगे बढ़ाना चाहता है या फिर उसी स्तर पर वापस जाने का जोखिम उठाना चाहता है। अगले कुछ हफ्तों में, मैं हर वोट के लिए लड़ूंगा, मैं आपका विश्वास जीतूंगा और मैं आपको साबित करूंगा कि केवल मेरे नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव सरकार ही हमारी कड़ी मेहनत से अर्जित आर्थिक स्थिरता को खतरे में नहीं डालेगी,'' उन्होंने स्टार्मर पर यह भी आरोप लगाया कि, “हमेशा आसान रास्ता अपनाते हैं और उनके पास कोई योजना नहीं होती। परिणामस्वरूप, उनके साथ भविष्य केवल अनिश्चित हो सकता है"। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बीच, स्टार्मर, जिन्होंने लेबर को राजनीतिक केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है, ने अपनी प्रतिक्रिया में "परिवर्तन" पर ध्यान केंद्रित किया है। लेबर नेता ने कहा, "4 जुलाई को, आपके (मतदाताओं) पास विकल्प है, और साथ मिलकर, हम अराजकता को रोक सकते हैं, पन्ने पलट सकते हैं, ब्रिटेन का पुनर्निर्माण शुरू कर सकते हैं और अपने देश को बदल सकते हैं।"
UK Elections 2024
दोनों पार्टियों ने अर्थव्यवस्था और रक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। सुनक की सरकार ने लेबर पर कर वृद्धि की योजना बनाने और वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार न होने का आरोप लगाया, जिसे लेबर ने नकार दिया। लेबर पिछले 14 वर्षों में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए कंजर्वेटिवों को दोषी ठहराती है, जिसके परिणामस्वरूप अस्थिरता और धीमी वृद्धि हुई है।