यूक्रेन पर रूस का सबसे बड़ा हमला, 500 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे; एफ-16 फाइटर का पायलट भी मारा गया
Russia-Ukraine War
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 10:33 AM
Russia-Ukraine War : रूस-यूक्रेन युद्ध के तीसरे वर्ष में कदम रखने के साथ ही रूसी सेना ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे घातक और समन्वित हमला किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 500 से अधिक क्रूज मिसाइलों और कामिकाजे ड्रोन का उपयोग किया गया। जो इस युद्ध का सबसे बड़ा और व्यापक हमला बताया जा रहा है।
रूस ने दिखाया युद्ध की नई रणनीतिक दिशा
रूसी कमांड के मुताबिक, हमले का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य ढांचे, ऊर्जा संयंत्रों और हवाई सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह पंगु बनाना था। इस हमले के तहत राजधानी कीव, ल्वीव, खारकीव और ओडेसा जैसे प्रमुख शहरों में भीषण धमाकों की गूंज सुनाई दी। आकाश में धुएं के घने गुबार और जमीनी विस्फोटों की श्रृंखला ने एक बार फिर युद्ध की विभीषिका को दुनिया के सामने रख दिया।
एफ-16 लड़ाकू विमान का पायलट भी मारा गया
इस हमले के दौरान यूक्रेन की वायुसेना का एक एफ-16 लड़ाकू विमान भी निशाना बना, जिसमें सवार पायलट की मौत हो गई। यह विमान फ्रंटलाइन डिफेंस आॅपरेशन का हिस्सा था और रूस के मिसाइल हमलों का जवाब देने की कोशिश कर रहा था। यूक्रेनी सेना ने पायलट की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन उसे युद्ध नायक की उपाधि दी गई है। कुछ दिन पहले तुर्की के इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों की रूढ़िवादी शर्तें और भरोसे की कमी इस विफलता की प्रमुख वजह बनी।
अमेरिकी समर्थन बन रहा यूक्रेन के लिए डबल एज
रूसी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और नाटो द्वारा यूक्रेन को लगातार हथियार और तकनीकी समर्थन दिया जा रहा है, जिससे युद्ध और जटिल हो रहा है। रूस इसे अपने खिलाफ प्रत्यक्ष प्रॉक्सी युद्ध मानता है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर पश्चिमी देशों ने हस्तक्षेप की सीमा पार की, तो रूस की जवाबी कार्रवाई अप्रत्याशित और निर्णायक होगी। इस हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध का कोई त्वरित समाधान फिलहाल नजर नहीं आता। ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति पहले से ही प्रभावित हो रही है और अगर युद्ध का यह पैटर्न जारी रहा, तो इसके असर वैश्विक स्तर पर और व्यापक होंगे। खासकर यूरोप, एशिया और अफ्रीका के लिए। Russia-Ukraine War