
Russia : जर्मनी के मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस (Russia) की सैन्य नीति केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है। रूस अपनी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। जर्मन खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, रूस 2030 तक अपनी सैन्य क्षमता को इतना मजबूत कर लेगा कि वह किसी भी बड़े युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार होगा।
रूस (Russia) की नजर केवल यूक्रेन पर नहीं है। जर्मनी की खुफिया एजेंसी (BND) और सशस्त्र बलों की रिपोर्ट के अनुसार, रूस अब पश्चिमी देशों को अपने प्रमुख दुश्मन के रूप में देख रहा है और वह बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव की तैयारी कर रहा है।
लिथुआनिया की खुफिया एजेंसी के अनुसार, फिलहाल रूस इतना बड़ा युद्ध नहीं लड़ सकता, लेकिन सीमित सैन्य कार्रवाइयों के लिए तैयार है। रूस NATO देशों की एकजुटता की परीक्षा लेना चाहता है और देखना चाहता है कि संकट के समय NATO अपने रक्षा प्रतिबद्धताओं को कितना गंभीरता से निभाता है।
रूस (Russia) की सैन्य ताकत का अधिकांश हिस्सा वर्तमान में यूक्रेन युद्ध में लगा हुआ है, लेकिन उसकी वायुसेना और नौसेना पूरी तरह से तैयार है। अगर यूक्रेन युद्ध समाप्त होता है, तो रूस अपनी सेना को पश्चिमी सीमा पर तैनात करने का विचार कर रहा है। रूस (Russia) का सैन्य खर्च बढ़ रहा है और वह पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद अपनी सेना को और मजबूत कर रहा है।
रूस (Russia) ने 2026 तक अपनी सशस्त्र सेनाओं की संख्या 15 लाख करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, 2022 की सैन्य योजना के अनुसार, रूस NATO की सीमा पर अपने सैनिकों, हथियारों और सैन्य उपकरणों की संख्या को 30-50% तक बढ़ाएगा। रूस का रक्षा बजट 2025 तक लगभग 120 बिलियन यूरो तक पहुंच जाएगा, जो GDP का 6% होगा।Russia :