शेख हसीना का सबसे बड़ा दुश्मन पहुंचा बांग्लादेश, 9 साल से भारत में था
Sheikh Hasina
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:49 AM
Sheikh Hasina : बांग्लादेश में हर रोज कुछ नया हो रहा है। भारी उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बड़े-बड़े दुश्मन वापस बांग्लादेश पहुंच रहे हैं। लगातार 9 साल से भारत में छिपकर बैठा हुआ शेख हसीना का सबसे बड़ा दुश्मन भी वापस बांग्लादेश की धरती पर वापस आ चुका है। एक-एक करके अमेरिका को पसंद करने वाले बांग्लादेश के तमाम नेता वतन वापसी कर रहे हैं।
अमेरिका मैन के हाथों में हैं कमान
बांग्लादेश में खूनी तख्ता पलट होने के बाद बांग्लादेश की कमान ऐसे हाथों में है जिन्हें अमेरिका मैन यानि कि अमेरिका का आदमी कहा जाता है। बांग्लादेश की सरकार के मुखिया बने मोहम्मद यूनुस को अमेरिका का आदमी माना जाता है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस को दुनिया भर में अमेरिका मैन के नाम से ही जाना जाता है। इस बीच एक-एक करके शेख हसीना के दुश्मन भी अलग-अलग स्थानों से बांग्लादेश में पहुंच रहे हैं। बांग्लादेश में सलाहुद्दीन अहमद को शेख हसीना का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। बांग्लादेश के प्रमुख नेताओं में शामिल सलाहुद्दीन अहमद भी बांग्लादेश पहुंच चुके हैं। सलाहुद्दीन पिछले 9 साल से भारत में छिपकर रह रहे थे।
भारत में की थी अवैध घुसपैठ Sheikh Hasina
वर्ष-2015 में, 62 दिनों तक लापता रहने के बाद बांग्लादेश के पूर्व राज्य मंत्री सलाहुद्दीन 11 मई को पूर्वोत्तर भारतीय राज्य मेघालय की राजधानी शिलांग में पाए गए। उन्हें वैध दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया और विदेशी अधिनियम के तहत उन पर आरोप लगाए गए। बाद में, शिलांग पुलिस ने मामले में उनके खिलाफ आरोप लगाए। उस समय बांग्लादेश नेशनलिस्ट पाटर्ट (बीएनपी) ने आरोप लगाया था कि सलाहुद्दीन को 10 मार्च, 2015 को उत्तरा, ढाका स्थित उसके घर से जासूस बनकर आए लोगों ने अगवा कर लिया था। 26 अक्टूबर, 2018 को शिलांग की एक अदालत ने उसे अवैध प्रवेश से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले को 28 फरवरी, 2023 को एक उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा, जिसने भारत सरकार को उसके बांग्लादेश लौटने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।
कौन हैं सलाहुद्दीन अहमद
सलाहुद्दीन अहमद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के राजनेता हैं, जिन्होंने 1996-2006 के दौरान संचार राज्य मंत्री के रूप में काम किया था। वह कॉक्स बाजार-1 निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए थे। वे खालिदा जिया की बीएनपी पार्टी के प्रवक्ता थे। अहमद ने 1991 में बीएनपी के सत्ता में आने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सहायक निजी सचिव के रूप में कार्य किया। बाद में उन्हें 2001-2006 के दौरान दूसरे खालिदा मंत्रिमंडल में संचार राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। जनवरी 2008 में, सलाहुद्दीन अहमद को कंस्ट्रक्शन फर्म मीर अख्तर हुसैन लिमिटेड के मालिक मीर जहीर हुसैन से 1 करोड़ टका रिश्वत लेने के लिए 7 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। आरोप के अनुसार, रिश्वत फरवरी 2005 में ली गई थी। अहमद ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के संयुक्त महासचिव के रूप में कार्य किया। जनवरी 2015 में, उन्हें खालिदा जिया द्वारा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। Sheikh Hasina
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