पाकिस्तान का भारत ही नहीं कई अन्य देशों से संबंध खराब
Situation Across The Border
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 01:18 AM
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 01:18 AM
Situation Across The Border : पाकिस्तान की विदेश नीति और उसके पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की जटिलता को समझने के लिए, हमें उसके प्रमुख विरोधियों और उनके साथ तनावपूर्ण संबंधों के कारणों पर ध्यान देना होगा। सबसे पहले हम भारत की बात करते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध 1947 के विभाजन के बाद से ही तनावपूर्ण रहे हैं। कश्मीर मुद्दा, आतंकवाद, और सीमाओं पर संघर्ष जैसे कारणों से दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हो चुके हैं। हाल ही में, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद, भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। इसके परिणामस्वरूप, भारत ने वीजा सेवाएं निलंबित कर दीं, राजनयिकों को निष्कासित किया, और सिंधु जल संधि को रद कर दिया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया और सीमाएं सील कर दीं।
अफगानिस्तान : रणनीतिक गहराई और सीमा विवाद
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान का समर्थन किया है, ताकि भारत के प्रभाव को कम किया जा सके और रणनीतिक गहराई प्राप्त की जा सके। हालांकि, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर तालिबान और अन्य आतंकी समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। डूरंड रेखा को लेकर भी विवाद है, जिसे अफगानिस्तान मान्यता नहीं देता।
ईरान : सीमा पार आतंकवाद और सांप्रदायिक तनाव
पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध भी तनावपूर्ण हैं, खासकर बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी समूहों के कारण। जनवरी 2024 में, ईरान ने पाकिस्तान के पांजगुर क्षेत्र में स्थित जैश अल-अदल के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई। पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और गंभीर परिणामों की चेतावनी दी।
अमेरिका : विश्वास की कमी और आतंकवाद पर चिंता
अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में भी विश्वास की कमी रही है, विशेषकर आतंकवाद के मुद्दे पर। 2011 में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मार गिराने के बाद, अमेरिका ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया। हाल ही में, अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती की है और भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है।
अन्य पश्चिमी देश : आतंकवाद और मानवाधिकारों पर चिंता
यूरोपीय संघ और अन्य पश्चिमी देशों ने भी पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए अत्याचारों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन के कारण, इन देशों ने पाकिस्तान की आलोचना की है।
पाकिस्तान के कई पड़ोसी देशों और पश्चिमी शक्तियों के साथ संबंध तनावपूर्ण
पाकिस्तान के कई पड़ोसी देशों और पश्चिमी शक्तियों के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं, जिसका मुख्य कारण आतंकवाद का समर्थन, सीमा विवाद, और आंतरिक अस्थिरता है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पाकिस्तान को अपनी विदेश नीति में पारदर्शिता, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम, और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।