भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के प्रतिष्ठित लीजन ऑफ ऑनर की नाइट श्रेणी के लिए चुना गया। जानिए भारत-फ्रांस संबंधों और 28 अक्टूबर के समारोह से जुड़ी पूरी जानकारी।

चेतना मंच | बिजनेस न्यूज |
भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज और भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ (Chevalier de l’Ordre national de la Légion d’honneur) से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा दूरसंचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास में मित्तल के योगदान को मान्यता देता है। यह सम्मान केवल एक भारतीय उद्योगपति की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच तीन दशक से अधिक समय से विकसित हो रहे कारोबारी और तकनीकी सहयोग की भी पहचान है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, सम्मान प्रदान करने का औपचारिक समारोह 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में आयोजित किया जाना निर्धारित है। यानी सम्मान की घोषणा हो चुकी है, जबकि औपचारिक अलंकरण समारोह अभी होना है।
सुनील भारती मित्तल का फ्रांस के साथ कारोबारी जुड़ाव वर्ष 1992 में शुरू हुआ था। उस समय भारती समूह ने फ्रांस की कंपनी Compagnie Générale des Eaux के साथ मिलकर भारत में मोबाइल टेलीफोनी सेवाओं की शुरुआत की दिशा में काम किया। यही वह दौर था, जब भारत में मोबाइल संचार का बाजार शुरुआती अवस्था में था और दूरसंचार क्षेत्र में निजी निवेश की संभावनाएं तेजी से आकार ले रही थीं। फ्रांस के भारत में राजदूत थिएरी माथू ने मित्तल के साथ फ्रांस के तीन दशक से अधिक पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने लगातार दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। राजदूत के अनुसार, मित्तल ने दिखाया है कि फ्रांस और भारत के कारोबारी प्रयास मिलकर किस तरह महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
‘लीजन ऑफ ऑनर’ फ्रांस गणराज्य का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। इसकी स्थापना वर्ष 1802 में नेपोलियन बोनापार्ट ने की थी। यह सम्मान फ्रांस के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रदान किया जाता है। इसकी विभिन्न श्रेणियां हैं और नाइट यानी ‘शेवेलियर’ इसकी एक श्रेणी है। मित्तल को इसी श्रेणी में सम्मानित किया जा रहा है। इस सम्मान के लिए उनका चयन दूरसंचार उद्योग में उनके योगदान, डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास और भारत-फ्रांस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने में उनकी भूमिका को ध्यान में रखकर किया गया है।
सुनील भारती मित्तल का नाम भारत में दूरसंचार क्रांति से जुड़ा रहा है। भारती समूह ने मोबाइल सेवाओं और डिजिटल संचार के क्षेत्र में कारोबार का विस्तार किया। इसी कारोबारी यात्रा ने समूह को भारतीय दूरसंचार उद्योग के प्रमुख नामों में शामिल किया। आज भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी सहयोग का दायरा मोबाइल सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसमें सैटेलाइट संचार, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। मित्तल की यूरोपीय सैटेलाइट कंपनी Eutelsat में नेतृत्वकारी भूमिका भी इसी व्यापक सहयोग का हिस्सा है। फ्रांसीसी राजदूत ने विशेष रूप से अंतरिक्ष और डिजिटल प्रौद्योगिकी में दोनों देशों के साझा प्रयासों का उल्लेख किया है।
सुनील भारती मित्तल को इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
- 2007: भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
- 2024: ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय ने उन्हें ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर के मानद नाइट कमांडर (KBE) सम्मान से नवाजा था।
- 2026: फ्रांस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘लीजन ऑफ ऑनर’ की नाइट श्रेणी के लिए उनका चयन किया गया है।
इन सम्मानों से उनके कारोबारी योगदान और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों में उनकी भूमिका को मिली मान्यता का पता चलता है।
फ्रांस के इस सम्मान पर आभार व्यक्त करते हुए मित्तल ने कहा कि वह फ्रांस गणराज्य से मिले सम्मान से अभिभूत हैं। उन्होंने बताया कि फ्रांस के साथ उनका संबंध 1992 में एयरटेल की शुरुआत के समय बना था और आज भी विभिन्न कारोबारी गतिविधियों के माध्यम से जारी है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति आभार जताते हुए भारत और फ्रांस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भारत और फ्रांस के संबंध रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष, ऊर्जा, दूरसंचार और डिजिटल तकनीक जैसे अनेक क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। ऐसे में किसी प्रमुख भारतीय उद्योगपति को फ्रांस का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिलना दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को भी रेखांकित करता है। दूरसंचार और डिजिटल बुनियादी ढांचा आज आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी से लेकर सैटेलाइट संचार तक, इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की भूमिका बढ़ रही है। मित्तल के सम्मान की घोषणा इसी बदलते कारोबारी परिदृश्य में भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को सामने लाती है।
सुनील भारती मित्तल को सम्मान का प्रतीक चिह्न 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस तरह 12 अक्टूबर को हुई घोषणा के बाद अब औपचारिक अलंकरण कार्यक्रम पर नजर रहेगी। भारतीय उद्योग जगत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है कि मित्तल का कारोबारी सफर भारत में मोबाइल टेलीफोनी के शुरुआती दौर से लेकर वैश्विक डिजिटल और सैटेलाइट संचार तक फैला हुआ है। फ्रांस का यह सम्मान उनके इसी लंबे कारोबारी जुड़ाव और भारत-फ्रांस आर्थिक सहयोग में योगदान की अंतरराष्ट्रीय पहचान है।
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