
नासा में अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) सरकारी कर्मचारी होते हैं, और उनके लिए कोई ओवरटाइम या अतिरिक्त भुगतान नहीं होता। इनकी सैलरी GS-15 पे ग्रेड के तहत तय की जाती है, जो अमेरिका के बड़े सरकारी अधिकारियों को मिलती है। इस हिसाब से, सुनीता विलियम्स को उनके 9 महीने के मिशन के लिए लगभग 81 लाख से 1.05 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलेगी। हालांकि, यह राशि उनके नियमित वेतन का हिस्सा है, और इस मिशन के लिए नासा उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करेगा। यह नासा के अंदर की एक सामान्य नीति है, जो अंतरिक्ष यात्रियों(Astronaut) को उनके काम के लिए एक समान वेतन देती है, चाहे वे कितने भी समय तक अंतरिक्ष में रहे हों।
हालांकि, नासा अंतरिक्ष यात्रियों(Astronaut) को एक छोटे से इंसिडेंटल भत्ते के रूप में कुछ राशि जरूर देती है। यह भत्ता $4 यानी लगभग ₹347 प्रति दिन होता है। इसका मतलब है कि पूरे 287 दिनों के मिशन में सुनीता और बुच को कुल $1,148 (करीब ₹1 लाख) का भत्ता मिलेगा। यह भत्ता उनकी यात्रा की लागतों या अन्य दैनिक खर्चों को कवर करने के लिए होता है, लेकिन यह राशि बहुत कम होती है, और इससे उनकी पूरी यात्रा के खर्चे कवर नहीं होते।
स्पेसX का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट, जो 400 किमी का सफर तय करेगा, अपने रास्ते में कई चुनौतियों का सामना करेगा। इसके धरती के वायुमंडल में प्रवेश करने का एंगल सही होना बहुत जरूरी है। यदि इसमें कोई चूक होती है, तो यह एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। पहले भी कई मिशनों में गलत एंगल के कारण अंतरिक्ष यात्रियों(Astronaut) को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इस लिहाज से, सुनीता और बुच की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए स्पेसएक्स और नासा दोनों ही पूरी सावधानी बरत रहे हैं।
अब सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर की जगह अंतरिक्ष स्टेशन पर ऐनी मैकलेन, निकोल एयर्स, टाकुया ओनिशी और किरिल पेस्कोव अपना नया मिशन संभालेंगे।Astronaut: