पुतिन आएंगे भारत, मुनीर जाएंगे अमेरिका : डोभाल की चाल से बदल गया भू-राजनीतिक समीकरण!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:01 AM
दुनिया की राजनीति इस वक्त तेज उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। एक ओर भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद गर्माया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ रूस और भारत के बीच रक्षा और रणनीतिक रिश्तों की गर्मजोशी फिर चर्चा में है। इसी कड़ी में एक बड़ी खबर सामने आई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस महीने के अंत में भारत के दौरे पर आएंगे, और इसकी पुष्टि खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रूस में की है। वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर एक बार फिर अमेरिका जा रहे हैं। Tariff Dispute :
डोभाल की मास्को यात्रा से बनी पुतिन की भारत यात्रा की जमीन
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस वक्त रूस के दौरे पर हैं और वहीं से यह बड़ी खबर सामने आई कि पुतिन अगस्त के अंत तक भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, और रणनीतिक सहयोग पर अहम बातचीत हो रही है। चर्चा में अतिरिक्त एस-400 डिफेंस सिस्टम और अत्याधुनिक SU-57 लड़ाकू विमान की संभावित खरीद जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा भारत और रूस के बीच औद्योगिक सहयोग और वैकल्पिक व्यापार तंत्र पर भी जोर है।
ट्रंप का भारत पर दबाव : टैरिफ की तलवार और रूसी तेल पर चेतावनी
रूसी तेल खरीदने को लेकर अमेरिका और भारत के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी और अब 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उनका दावा है कि भारत, रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में रूस की "अप्रत्यक्ष मदद" कर रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर पुतिन यूक्रेन में युद्ध नहीं रोकते हैं, तो वे भारत जैसे देशों पर सेकंडरी प्रतिबंध भी लगा सकते हैं। नया टैरिफ 7 अगस्त से लागू होगा, और इसके 21 दिन बाद अतिरिक्त शुल्क भी प्रभाव में आ जाएगा।
अमेरिका जा रहे हैं जनरल मुनीर, टाइमिंग पर सवाल
पड़ोसी देश पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी चर्चा में हैं। वो दो महीनों में दूसरी बार अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं।
इस बार उनका दौरा अमेरिकी सेंट्रल कमांड चीफ जनरल माइकल कुरिल्ला के विदाई कार्यक्रम के सिलसिले में है, जो फ्लोरिडा के टैम्पा में होगा। इस यात्रा की टाइमिंग को लेकर विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमेरिका अब पाकिस्तान के साथ रणनीतिक समीकरणों को फिर से साध रहा है?
डोभाल की "रणनीतिक चाल": भारत की बहुपक्षीय नीति का नया अध्याय
इन घटनाक्रमों के बीच अजीत डोभाल की मास्को यात्रा को विश्लेषक एक "रणनीतिक चाल" के तौर पर देख रहे हैं। जहां एक तरफ अमेरिका भारत पर टैरिफ और दबाव की नीति अपना रहा है, वहीं भारत रूस के साथ सैन्य और ऊर्जा संबंधों को मजबूत कर एक स्पष्ट संदेश दे रहा है। भारत अब दबाव की राजनीति नहीं, बल्कि संतुलन और स्वायत्तता की नीति पर चलेगा। पुतिन की भारत यात्रा, ट्रंप का टैरिफ हथियार और मुनीर की अमेरिकी मुलाकात ये सब घटनाएं केवल राजनयिक यात्राएं नहीं हैं, बल्कि एशिया में बदलते शक्ति समीकरणों की झलक हैं। डोभाल का मास्को में होना और पुतिन का दिल्ली आना यह साफ करता है कि भारत अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता को और मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। भारत अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर निर्णायक खिलाड़ी बन चुका है।