
Tariff : अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापार युद्ध अब 104% आयात शुल्क तक पहुंच चुका है। इस कदम का भारत, अमेरिका और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, आइए बिंदुओं में विस्तार से जानते हैं।
अमेरिका ने चीन से आने वाले उत्पादों पर 104% टैरिफ लगाने की घोषणा की है।
यह निर्णय डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में लिया गया है, जिन्होंने इससे पहले भी 20% और 34% का टैरिफ लगाया था।
चीन ने भी जवाबी कार्रवाई में अमेरिका से आयात होने वाले सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिया। Tariff
अमेरिकी उत्पादों पर असर: भारत अमेरिका से जिन वस्तुओं का आयात करता है, उनमें से कई चीन-निर्भर हैं, जैसे:
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
ऑटो पार्ट्स
विमान इंजन
आभूषण
इन उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत को महंगे आयात का सामना करना पड़ सकता है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने से उत्पादन व आयात में देरी हो सकती है। Tariff
भारत को अमेरिका के वैकल्पिक व्यापार भागीदार के रूप में देखा जा सकता है।
भारतीय उत्पाद चीन की तुलना में 75% तक सस्ते होंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
चावल, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मज़बूत होगी।
अन्य एशियाई देशों जैसे बांग्लादेश, इंडोनेशिया की तुलना में भी भारत बेहतर स्थिति में होगा। Tariff
अमेरिका चीन का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। ऐसे में 104% टैरिफ से:
निर्यात घटेगा
नौकरियों में कटौती हो सकती है
उत्पादन इकाइयों का पलायन संभव
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, चीन की GDP 2025 तक 2.4% तक गिर सकती है।
अमेरिका की मुद्रास्फीति दर (महंगाई) बढ़कर 4.5% तक पहुंच सकती है।
ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं घटेंगी, जिससे आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ेगा।
रोज़गार सृजन में कमी आ सकती है क्योंकि कंपनियां टैरिफ में ही ज्यादा खर्च करेंगी। Tariff :