
Tariff : अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी पर चिंता जताई है। पावेल का कहना है कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों के परिणामस्वरूप महंगाई में वृद्धि हो सकती है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ सकती है। इसके अलावा, बेरोजगारी दर में भी वृद्धि की संभावना है। इस पोस्ट में हम पावेल के इस बयान और इसके अमेरिकी नागरिकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को विस्तार से समझेंगे।
पावेल ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वजह से महंगाई बढ़ सकती है। जब किसी देश पर टैरिफ बढ़ाया जाता है, तो वस्त्रों, इलेक्ट्रॉनिक्स, और अन्य आयातित उत्पादों की कीमतों में वृद्धि होती है। इससे आम जनता पर आर्थिक दबाव पड़ता है और जीवन यापन की लागत बढ़ जाती है।
पावेल के अनुसार, टैरिफ की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा पैदा हो सकता है। यदि महंगाई बढ़ती है और उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति घटती है, तो इससे उद्योगों की मांग घट सकती है, जिससे आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है।
पावेल ने यह भी चेतावनी दी कि यदि टैरिफ की वजह से अर्थव्यवस्था में मंदी आती है, तो बेरोजगारी की दर में वृद्धि हो सकती है। जब कंपनियां लागत में वृद्धि के कारण कम उत्पादन करने लगती हैं, तो इससे कर्मचारियों की छंटनी की संभावना बढ़ जाती है। इससे अमेरिकी श्रमिकों को रोजगार पाने में मुश्किल हो सकती है।
टैरिफ के कारण उत्पादों की कीमतों में वृद्धि होने से इसका बोझ सीधे तौर पर आम जनता पर पड़ता है। पावेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह बोझ विशेष रूप से गरीब और मध्य वर्ग के परिवारों को महसूस होगा। बढ़ती हुई महंगाई के कारण इन्हें अपने दैनिक खर्चों को संभालने में कठिनाई हो सकती है।
फेडरल रिजर्व ने अपने नीति निर्माताओं के साथ मिलकर ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। पावेल ने कहा कि क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है और बेरोजगारी का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए फेडरल रिजर्व को अपनी मौद्रिक नीति में कोई बड़ी बदलाव करने से बचना चाहिए। यही नहीं, फेड का मुख्य उद्देश्य यही होगा कि महंगाई एक सीमित स्तर तक बढ़े और बहुत ज्यादा लंबे समय तक न चले।
पावेल के इस बयान का असर अमेरिकी शेयर बाजार में साफ तौर पर दिखाई दिया। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स जैसे S&P 500, नैस्डैक और डाउ जोंस में गिरावट आई। S&P 500 इंडेक्स में 0.17% की गिरावट आई, जबकि डाउ जोंस में 0.38% की कमी आई। इस दौरान, Nvidia जैसे तकनीकी शेयरों में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। Tariff :