Tariff: ट्रम्प के टैरिफ से वैश्विक व्यापार युद्ध, कैसे पंहुचा यहाँ तक
Tariff
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:07 PM
Tariff : डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ न केवल अमेरिका बल्कि पूरे वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं। टैरिफ बढ़ाने के कारण विभिन्न देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा है, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। आइए जानते हैं इस व्यापार युद्ध की पूरी समयरेखा।
टैरिफ और वैश्विक व्यापार युद्ध: कैसे हुई शुरुआत?
टैरिफ का उद्देश्य: अमेरिकी उत्पादों को सस्ता और प्रतिस्पर्धी बनाना।
चीन पर प्रभाव: चीन ने भी जवाबी टैरिफ लगाकर अमेरिकी उत्पादों को महंगा कर दिया।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया: कनाडा, मैक्सिको, यूरोप और भारत सहित कई देशों ने भी प्रतिक्रिया दी।
प्रमुख घटनाएं और टैरिफ का प्रभाव
20 जनवरी – ट्रम्प ने पदभार संभाला
अपने उद्घाटन भाषण में विदेशी उत्पादों पर टैरिफ लगाने का वादा किया।
अमेरिका में निर्माण और रोजगार को प्राथमिकता देने का दावा।
1 फरवरी – प्रारंभिक टैरिफ की घोषणा
चीन: 10%
कनाडा और मेक्सिको: 25%
व्यापारिक तनाव की शुरुआत।
4 फरवरी – चीन की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त कर लगाए।
गूगल पर एकाधिकार विरोधी जांच शुरू की।
10 फरवरी – स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ
स्टील: 25%
एल्युमीनियम: 10%
अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन पर असर।
25 फरवरी – तांबे पर टैरिफ का सुझाव
राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत टैरिफ की संभावनाएं तलाशी गईं।
1 मार्च – लकड़ी और इमारती सामान पर टैरिफ
निर्माण और सैन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए।
4 मार्च – टैरिफ दोगुना
चीन पर: 20%
कनाडा और मैक्सिको पर: 25%
जवाबी टैरिफ की लहर।
10 मार्च – कृषि उत्पादों पर प्रभाव
चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 15% टैरिफ लगाया।
अमेरिकी किसानों पर नकारात्मक प्रभाव।
12 मार्च – यूरोप की प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ ने 26 बिलियन यूरो के अमेरिकी उत्पादों पर कर बढ़ाया।
व्यापारिक तनाव चरम पर।
2 अप्रैल – ट्रम्प का 'पारस्परिक' टैरिफ
सभी देशों पर 10% टैरिफ।
चीन: 34%
यूरोपीय संघ: 20%
दक्षिण कोरिया: 25%
जापान: 24%
3 अप्रैल – ऑटोमोबाइल उद्योग पर असर
अमेरिका ने ऑटो आयात पर 25% टैरिफ लगाया।
कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% जवाबी कर लगाया। Tariff :