भारत पर टैक्स और पाकिस्तान से तेल डील, आखिर क्या करके मानेंगे Trump?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:08 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नई विदेश नीति ने दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक हलचलें तेज कर दी हैं। एक ओर उन्होंने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के साथ तेल समझौते और म्यांमार के सैन्य शासन के प्रति नरम रुख ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सब चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है? Donald Trump
पाकिस्तान से ट्रंप की तेल डील
ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ उसके तेल भंडार को विकसित करने के लिए साझेदारी करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में पाकिस्तान भारत को तेल बेच सके यह सोचकर ही वह इस डील को आगे बढ़ा रहे हैं। इस समझौते के लिए अमेरिकी तेल कंपनी की तलाश की जा रही है। बाइडेन प्रशासन के दौरान जहां अमेरिका ने भारत को प्राथमिकता दी थी वहीं ट्रंप का यह नया झुकाव पाकिस्तान की ओर एक रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है।
म्यांमार पर नरम रुख
ट्रंप प्रशासन अब म्यांमार की सैन्य सरकार के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका म्यांमार में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स तक सीधी पहुंच बनाने पर विचार कर रहा है ये वही खनिज हैं जो फाइटर जेट्स और हाईटेक हथियारों में इस्तेमाल होते हैं। इस क्षेत्र में अब तक चीन का दबदबा रहा है। म्यांमार के काचिन इलाके से इन खनिजों की सप्लाई होती है जो विद्रोही संगठन KIA (काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी) के नियंत्रण में है। अमेरिकी अधिकारी KIA से अप्रत्यक्ष संपर्क में हैं और इसे चीन के मुकाबले एक वैकल्पिक स्रोत मान रहे हैं।
चीन को साधने की रणनीति?
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की ये पहलें पाकिस्तान की ओर रुख और म्यांमार की सैन्य सत्ता को साधना दरअसल चीन के प्रभुत्व को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा हैं। चीन की लगभग 90% पकड़ वैश्विक रेयर अर्थ सप्लाई पर है। अब अमेरिका इस पर से उसकी पकड़ कमजोर करना चाहता है। ब्रह्मा चेलानी जैसे रणनीतिकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने म्यांमार के चार सैन्य अधिकारियों और तीन कंपनियों पर लगे प्रतिबंध चुपचाप हटा लिए हैं, जिससे अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत मिलते हैं।
म्यांमार से रेयर अर्थ संसाधित करने के लिए अमेरिका अपने क्वाड साझेदारों खासकर भारत के साथ मिलकर काम करने की योजना भी बना रहा है। प्रस्ताव है कि भारत, अमेरिका और KIA मिलकर चीन को रेयर मेटल सप्लाई की मोनोपॉली से बाहर करें। ट्रंप की इन नई पहलों से साफ है कि वह एशिया में नई कूटनीतिक धुरी तैयार करने की कोशिश में हैं। भारत पर टैरिफ लगाना, पाकिस्तान के साथ तेल सहयोग और म्यांमार में सैन्य शासन से संभावित बातचीत ये सभी संकेत हैं कि अमेरिका अब चीन के दबदबे को चुनौती देने के लिए दक्षिण एशिया में अपनी गोटियां नए सिरे से बिछा रहा है।