थाईलैंड-कंबोडिया युद्धविराम : मलेशिया में बिना शर्त सीजफायर पर सहमति
Thailand–Cambodia conflict
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:12 PM
दक्षिण-पूर्व एशिया में लंबे समय से चले आ रहे एक और सीमा विवाद पर विराम लग गया है। थाईलैंड और कंबोडिया ने सोमवार को मलेशिया में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद बिना शर्त युद्धविराम की घोषणा की है। 25 जुलाई से जारी सैन्य संघर्ष अब समाप्त हो चुका है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इसकी औपचारिक घोषणा की। यह सीजफायर तब आया जब दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर टकरा रही थीं, और हजारों नागरिक विस्थापन के लिए मजबूर हुए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता और कूटनीतिक पहल ने इस युद्धविराम में अहम भूमिका निभाई। Thailand–Cambodia conflict
संघर्ष की पृष्ठभूमि
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है, लेकिन विवाद का केंद्र रहा एक प्राचीन शिव मंदिर, जिसकी संप्रभुता को लेकर दोनों देश वर्षों से दावा करते रहे हैं। 25 जुलाई को थाईलैंड ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई सेना ने उसके सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 16 सैनिकों की मौत हुई। जवाब में थाईलैंड ने एफ-16 फाइटर जेट्स से हमला शुरू कर दिया। संघर्ष में अब तक 1,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके थे।
सीजफायर का फैसला
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच सोमवार को गहन वार्ता हुई। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रेस को बताया कि थाईलैंड और कंबोडिया अब बिना किसी पूर्व शर्त के युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। सीमा पर तैनात सेनाओं को पीछे हटाने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
अमेरिका और ट्रंप की भूमिका
सीजफायर में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से घोषणा करते हुए कहा, मैंने दोनों देशों से बात की है और दोनों युद्ध विराम को लेकर बेहद उत्सुक हैं। ट्रंप के अलावा अमेरिकी सीनेटर मार्क रूबियो भी इस मामले में सक्रिय थे। इससे पहले चीन ने भी मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन थाईलैंड ने इसे ठुकरा दिया। डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी ईरान-इजराइल और रूस-यूक्रेन के बीच संघर्षों में आंशिक सीजफायर कराने में सफल रहे हैं। जून 2025 में ईरान-इजराइल युद्ध में उन्होंने 12 दिन में युद्ध रुकवाया था। कंबोडिया और थाईलैंड दोनों ही चीन के पड़ोसी हैं, और यह संघर्ष क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बन रहा था। दोनों देशों की सेनाओं में कई बार तनाव बढ़ा है, लेकिन इस बार हालात युद्ध के मुहाने तक पहुंच गए थे। संघर्ष के शांत होने से आसियान देशों को भी राहत मिली है, जो लगातार क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कोशिश कर रहे थे। थाईलैंड-कंबोडिया युद्धविराम एक राजनयिक सफलता है, जिसमें मलेशिया की मेजबानी, अमेरिकी पहल, और दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति ने अहम भूमिका निभाई। Thailand–Cambodia conflictदिव्या देशमुख ने रचा इतिहास : महिला चेस वर्ल्ड कप 2025 की बनीं चैंपियन, कोनेरू हंपी को हराया