म्यांमार में कई महीनों तक जारी रह सकता है भूकंप का असर, राष्ट्रीय आपातकाल किया गया घोषित
Myanmar Earthquake
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 12:57 AM
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 12:57 AM
Myanmar Earthquake : म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता वाले भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूकंप से निकली ऊर्जा लगभग 334 परमाणु बमों के विस्फोट के बराबर थी। भूविज्ञानी जेस फीनिक्स ने बताया कि इस तरह के भूकंप से उत्पन्न होने वाली ताकत अत्यधिक होती है, और इसके बाद आने वाले झटकों से स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन झटकों का असर कुछ महीनों तक जारी रह सकता है, क्योंकि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट म्यांमार के नीचे यूरेशियन प्लेट से टकराती रहती है। फीनिक्स ने यह भी कहा कि इस भूकंप से म्यांमार का गृहयुद्ध और भी बदतर हो सकता है।
अब तक जा चुकी है 1 हजार से ज्यादा जानें
इस भूकंप में अब तक 1,002 लोगों की जान जा चुकी है, 2,376 लोग घायल हुए हैं और 30 लोग अभी भी लापता हैं। म्यांमार के राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम ने यह जानकारी दी है। शुक्रवार दोपहर को म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में आए इस भूकंप के बाद 2.8 से 7.5 तीव्रता के 12 झटके महसूस किए गए, जिससे राहत कार्यों में और दिक्कतें आईं।
इन इलाकों में हुई भारी तबाही
म्यांमार के विभिन्न इलाकों जैसे मांडले, बागो, मैगवे, शान राज्य, सागाइंग और ने-पी-ताव में भारी तबाही हुई है। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल निरंतर राहत कार्यों में जुटे हैं। यांगून-मांडले राजमार्ग, जो महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। मांडले एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में इमारतों के गिरने से यात्रा और भी मुश्किल हो गई है।
राहत कार्यों में मदद के लिए कई देशों ने बढ़ाए हाथ
इसके बावजूद, राहत कार्यों में मदद के लिए कई देशों ने हाथ बढ़ाए हैं। शनिवार को चीन का एक बचाव दल यांगून पहुंचा, जबकि भारत ने 15 टन राहत सामग्री भेजी है। बचाव दल दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन भूकंप के बाद हुए नुकसान और बुनियादी ढांचे की क्षति के कारण म्यांमार को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।म्यांमार के नेता, वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मानवीय सहायता की अपील की है। शनिवार सुबह वह मांडले पहुंचे और राहत कार्यों में मदद की। इस भूकंप से म्यांमार को उबारने के लिए तत्काल राहत प्रयासों की आवश्यकता है ताकि प्रभावित लोग जल्द से जल्द अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर सकें।