युद्ध पहुंचा खतरनाक मोड़ पर, मंदिर के कारण छिड़ा है युद्ध
Thailand Yudh
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:08 PM
Thailand Yudh: थाईलैंड तथा कंबोडिया के बीच चल रहा युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। थाईलैंड मीडिया के मुताबिक थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया को बैकफुट पर धकेल दिया है। उधर कंबोडिया दावा कर रहा है कि उन्होंने अब तक थाईलैंड के दो दर्जन से अधिक सैनिकों को मार गिराया है। थाईलैंड तथा कंबोडिया के बीच छिड़ा हुआ यह युद्ध एक मंदिर से जुड़ा हुआ है। मंदिर के पास वाली जमीन को अपने-अपने कब्जे में लेने के चक्कर में थाईलैंड तथा कंबोडिया युद्ध तक पहुंचे हैं।
मंदिर बना है थाईलैंड तथा कंबोडिया के युद्ध का कारण
थाईलैंड तथा कंबोडिया का झगड़ा अनेक दशक पुराना झगड़ा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच अनेक बार युद्ध के हालात बने हैं। वर्ष-2008 से थाईलैंड तथा कंबोडिया एक मंदिर के कारण लड़ रहे हैं। इस मंदिर का नाम प्रीह विहियर मंदिर है। यह मंदिर 900 साल पुराना है। वर्ष-2008 में प्रीह विहियर मंदिर के पास की जमीन पर कब्जा करने को लेकर थाईलैंड तथा कंबोडिया के बीच में युद्ध छिड़ गया था। वर्ष-2008 से टकराव का सिलसिला चलता रहा। वर्तमान में यह टकराव एक बड़े युद्ध में बदल चुका है।
थाईलैंड तथा कंबोडिया के बीच युद्ध के ताजा हालात पर एक नजर
थाईलैंड तथा कंबोडिया के बीच युद्ध खतरनाक मोड़ तक पहुंच गया है। विशलेषकों का दावा है कि यही हालात रहे तो युद्ध के कारण दोनों देशों में बड़ी बर्बादी होगी। इस युद्ध में दोनों पक्षों ने जबरदस्त गोलाबारी की है। इस लड़ाई में कम से कम 35 लोग मारे गए हैं। यूरोपीय संघ, अमेरिका और चीन ने युद्ध पर चिंता जताते हुए दोनों देशों से बातचीत का आह्वान किया है। कंबोडिया के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक आहूत की है। बैंकॉक पोस्ट अखबार की खबर के अनुसार, थाईलैंड के द्वितीय सेना क्षेत्र ने उबोन रत्चथानी और सुरिन प्रांतों में सूरज निकलने से पहले झड़पें शुरू हो गई हैं। कंबोडिया ने हमले में रूस निर्मित बीएम-21 रॉकेट प्रणालियों का इस्तेमाल किया है। थाई सैन्य अधिकारियों ने कहा कि थाईलैंड ने संघर्ष क्षेत्रों से अपने 1,00,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर आश्रय केंद्रों में पहुंचाया है। रॉयल थाई सेना ने बयान में कहा, "कंबोडियाई बलों ने हमले में घातक हथियारों, फील्ड आर्टिलरी और बीएम-21 रॉकेट प्रणालियों का उपयोग किया है। थाई सेनाओं ने इसका माकूल जवाब दिया है। इस बीच दोनों पक्षों ने गुरुवार को एक विवादित सीमा क्षेत्र में संघर्ष शुरू करने के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया है। दोनों देशों की विवादित सीमा पर कम से कम छह स्थानों पर युद्ध छिड़ गया है। थाईलैंड के कृषि प्रधान सुरिन प्रांत में तेज धमाके हो रहे हैं। सड़कों और पेट्रोल पंपों पर सशस्त्र थाई सैनिकों की भारी मौजूदगी है।
बैंकॉक पोस्ट ने बताए युद्ध के हालात
बैंकॉक पोस्ट के अनुसार, लगभग एक दर्जन ट्रकों, बख्तरबंद वाहनों और टैंकों वाला एक थाई सैन्य काफिला धान के खेतों से घिरी प्रांतीय सड़कों को पार करते हुए सीमा की ओर बढ़ गया है। यह लड़ाई थाईलैंड के पिछली रात नोम पेन्ह स्थित अपने राजदूत को वापस बुलाने और कंबोडिया के दूत को निष्कासित करने के कुछ ही घंटों बाद शुरू हुई है। इस दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से कई थाई सैनिक घायल हो गए। बैंकॉक का आरोप है यह बारूदी सुरंग हाल ही में प्रतिद्वंद्वी सैनिकों ने बिछाई थी। कंबोडिया ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। इस बीच कंबोडिया के ओड्डार मींचे प्रांत के के सरकारी प्रवक्ता मेथ मीस फेकडे ने कहा कि लड़ाई में उनके एक नागरिक की मौत हो गई और पांच घायल हो गए हैं। 1,500 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के अध्यक्ष मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सदस्य देशों थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं से बातकर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मलेशिया आसियान एकता और साझा जिम्मेदारी की भावना से इस प्रक्रिया में सहायता के लिए तैयार है। उधर, थाई गृह मंत्रालय ने कहा कि चार सीमावर्ती प्रांतों से 1,00,000 से अधिक लोगों को लगभग 300 अस्थायी आश्रयों में पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन ने दोनों देशों से बातचीत का आह्वान किया है। यूरोपीय संघ के सदस्य देश-ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन हैं।